महिला सुरक्षा-साइबर सतर्कता और नशामुक्त उत्तराखंड की दिशा में पौड़ी पुलिस की सराहनीय पहल

हिमालय टाइम्सगबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक चन्द्र मोहन सिंह,पुलिस उपाधीक्षक श्रीनगर अनुज कुमार तथा नोडल अधिकारी (एएनटीएफ) निहारिका सेमवाल के पर्यवेक्षण में महिला

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गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लोकेश्वर सिंह के निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक चन्द्र मोहन सिंह,पुलिस उपाधीक्षक श्रीनगर अनुज कुमार तथा नोडल अधिकारी (एएनटीएफ) निहारिका सेमवाल के पर्यवेक्षण में महिला थाना,साइबर सेल,सीआईयू एवं एएचटीयू श्रीनगर पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से शेमफोर्ड पब्लिक स्कूल देहलचौरी श्रीनगर में एक जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को नशामुक्त समाज,महिला सुरक्षा,मानव तस्करी की रोकथाम,साइबर अपराधों की पहचान एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना रहा। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि किस प्रकार आजकल नशे की लत,इंटरनेट अपराध और असावधानी युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रहे हैं। कार्यक्रम में पुलिस टीम ने ड्रग्स फ्री उत्तराखण्ड अभियान के अंतर्गत नशे के दुष्परिणामों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति का नहीं,बल्कि पूरे परिवार और समाज का भविष्य नष्ट कर देता है। विद्यार्थियों को प्रेरित किया गया कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करें। साथ ही पुलिस टीम ने बताया कि यदि किसी के पास नशा करने या बेचने से संबंधित जानकारी हो तो नंबर 1933 पर संपर्क किया जा सकता है। साइबर सेल की टीम ने छात्रों को सोशल मीडिया (फेसबुक,इंस्टाग्राम,व्हाट्सऐप आदि) पर होने वाले अपराधों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने डिजिटल गिरफ्तारी जैसे नए ऑनलाइन अपराधों के बारे में सचेत किया और विद्यार्थियों को यह सिखाया कि अजनबी लिंक,कॉल या संदेश पर विश्वास न करें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई। महिला थाना श्रीनगर की अधिकारी ने छात्राओं को महिला सुरक्षा से जुड़े कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। साथ ही डायल 112 सेवा,उत्तराखण्ड पुलिस मोबाइल एप एवं सीईआईआर पोर्टल के उपयोग की जानकारी देते हुए बताया कि ये सेवाएं महिला सुरक्षा,मोबाइल चोरी और आपात सहायता के लिए हमेशा तत्पर हैं। कार्यक्रम के अंत में पुलिस टीम ने सभी विद्यार्थियों को शपथ दिलाई कि वे स्वयं नशे से दूर रहेंगे,अपने मित्रों और परिवार को भी इसके दुष्परिणाम बताएंगे तथा समाज में नशामुक्त उत्तराखण्ड बनाने में योगदान देंगे। इस जन-जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से पौड़ी पुलिस ने यह संदेश दिया कि सुरक्षित समाज की नींव सजग नागरिकों पर टिकी होती है और युवा वर्ग यदि सही दिशा में जागरूकता के साथ आगे बढ़े तो अपराध और नशे को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।

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