मां की स्मृति में देवदार का समलौण पौधा रोपकर दी श्रद्धांजलि,पर्यावरण संरक्षण का दिया प्रेरक संदेश

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल के राठ क्षेत्र में एक प्रेरणादायी पहल देखने को मिली,जहां परिवारजनों ने अपनी स्व.माता की स्मृति को जीवित रखने के लिए पौधारोपण कर पर्यावरण

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल के राठ क्षेत्र में एक प्रेरणादायी पहल देखने को मिली,जहां परिवारजनों ने अपनी स्व.माता की स्मृति को जीवित रखने के लिए पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। विकासखंड थलीसैंण की पट्टी कण्डारस्यूं के ग्राम कोठी में स्व.रामेश्वर प्रसाद गोदियाल की धर्मपत्नी स्व.कल्पेश्वरी देवी की वार्षिक पिंडदान तिथि के अवसर पर उनके परिजनों ने देवदार का समलौण पौधा रोपकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उनके दोनों पुत्र घनानंद गोदियाल एवं मगनानंद गोदियाल तथा पुत्री लक्ष्मी देवी मंमगाई ने गांव की सड़क किनारे देवदार का पौधा लगाकर अपनी माता को स्मरण किया। पौधारोपण के साथ ही परिवारजनों ने उनकी पवित्र आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प भी लिया। पौधे के संरक्षण और देखभाल की जिम्मेदारी स्व.कल्पेश्वरी देवी की पुत्रवधू इन्दू देवी ने ली। कार्यक्रम का संचालन समलौण साथी सतीश चन्द्र गोदियाल द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि यह पौधा आने वाले समय में एक विशाल वृक्ष का रूप धारण करेगा और पितृदेव समलौण वृक्ष के रूप में उनकी स्मृति को सदैव जीवित रखेगा। उन्होंने आगे कहा कि समलौण केवल पौधारोपण की पहल नहीं है,बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी एक सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना है। इस पहल के माध्यम से जीवन के प्रत्येक संस्कार जन्म,विवाह,पुण्यतिथि या अन्य महत्वपूर्ण अवसरों पर पौधा लगाकर प्रकृति के प्रति कृतज्ञता प्रकट की जाती है। आज यह परंपरा धीरे-धीरे समाज में एक नई प्रेरणा बनकर उभर रही है और लोग इसे अपनी सांस्कृतिक विरासत के रूप में अपनाने लगे हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने भी पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि पहाड़ों में वनों का संरक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी क्षेत्रवासियों से अपील की कि वे अपने जीवन के हर महत्वपूर्ण अवसर पर समलौण के रूप में पौधारोपण करें और जंगलों को आग से बचाने के लिए भी सामूहिक प्रयास करें। इस अवसर पर रविन्द्र जदली,रुकमा देवी,लक्ष्मी देवी मंमगाई,रेखा देवी पंत,रितु देवी पुसोला,कु.रक्षा,बंदना सहित अनेक ग्रामीण उपस्थित रहे। साथ ही समलौण संस्था के संस्थापक बीरेंद्र दत्त गोदियाल की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और भी प्रेरणादायी बना दिया। ग्रामवासियों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल दिवंगत आत्माओं की स्मृति को सम्मान देते हैं,बल्कि समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह आयोजन सामाजिक संवेदना और प्रकृति प्रेम का एक सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया।

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