
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकासखंड रिखणीखाल अंतर्गत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र झर्त में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। ग्राम प्रधान झर्त प्रियंका देवी की अध्यक्षता में आयोजित इस शिविर का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में गृह आधारित प्रसवों की संख्या को शून्य करना और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना रहा। शिविर में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला सलाहकार (एनसीडी) स्वेता गुसाईं ने उपस्थित महिलाओं एवं ग्रामीणों को मातृत्व सुरक्षा से जुड़े विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना,जननी शिशु सुरक्षा योजना,तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के साथ ही 108 एवं 102 एंबुलेंस सेवाओं की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इन योजनाओं का लाभ उठाकर सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित किया जा सकता है। महिला चिकित्साधिकारी डॉ.सोमाली ने गर्भवती महिलाओं को नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह देते हुए कहा कि समय पर जांच और संतुलित आहार स्वस्थ मातृत्व की कुंजी है। उन्होंने एनीमिया से बचाव के लिए आयरन और कैल्शियम के नियमित सेवन पर जोर दिया,साथ ही परिवार नियोजन से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए। शिविर के दौरान 7 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच कर उन्हें आवश्यक परामर्श प्रदान किया गया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान प्रियंका देवी ने जमीनी स्तर की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए 108 एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने बताया कि झर्त क्षेत्र की अधिकांश गर्भवती महिलाएं प्रसव के लिए बेस चिकित्सालय कोटद्वार को प्राथमिकता देती हैं,लेकिन 108 सेवा उन्हें पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रिखणीखाल ले जाती है,जहां आपातकालीन सुविधाओं का अभाव है। इसके बाद उन्हें पुनः रेफर कर कोटद्वार या अन्य अस्पताल भेजा जाता है,जिससे समय की बर्बादी के साथ-साथ जच्चा-बच्चा की जान को खतरा बढ़ जाता है। उन्होंने स्पष्ट रूप से मांग रखी कि गर्भवती महिलाओं को 108 सेवा का लाभ उनके द्वारा चिन्हित चिकित्सालय के आधार पर मिलना चाहिए,न कि केवल ब्लॉक स्तर के संस्थानों तक सीमित रखा जाए। इससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में जीवन रक्षा भी सुनिश्चित की जा सकेगी। शिविर में डॉ.आलोक कोहली,जिला आईईसी समन्वयक शकुंतला नेगी,एएनएम प्रीतम,नवीन रावत,कोमल,पुष्पा देवी,आनंद मोहन काला सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। यह जागरूकता शिविर जहां एक ओर सुरक्षित मातृत्व की दिशा में सकारात्मक पहल साबित हुआ,वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी चुनौतियों को उजागर कर सुधार की आवश्यकता की ओर भी संकेत दे गया।