
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। मानवता,प्रेम और निःस्वार्थ सेवा के दिव्य संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से आज संत निरंकारी मिशन श्रीनगर ब्रांच में मानव एकता दिवस अत्यंत श्रद्धा,गरिमा और उत्साह के साथ मनाया गया। यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं,बल्कि मानवीय मूल्यों के पुनर्जागरण का सशक्त माध्यम बनकर उभरा। कार्यक्रम में संत महात्माओं एवं श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता करते हुए करुणा,सह-अस्तित्व और भाईचारे के आदर्शों को जीवन में उतारने का संकल्प लिया। वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जब मनुष्य अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर सेवा,प्रेम और एकता के मार्ग पर चलता है,तभी समाज में वास्तविक परिवर्तन संभव होता है। इस अवसर पर संत निरंकारी मिशन की प्रेरणादायी विचारधारा को साझा करते हुए बताया गया कि मानव एकता दिवस,युगप्रवर्तक बाबा गुरबचन सिंह जी की पावन स्मृति में मनाया जाता है,जो मानवता को एक सूत्र में पिरोने का संदेश देता है। साथ ही सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज के मार्गदर्शन में मिशन निरंतर समाज सेवा,सद्भाव और आध्यात्मिक जागरूकता के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। कार्यक्रम के दौरान सेवा,समर्पण और परोपकार की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने पर बल दिया गया तथा युवाओं को नशामुक्त जीवन अपनाने और अपनी ऊर्जा को समाजहित में लगाने के लिए प्रेरित किया गया। मीडिया प्रभारी गम्मा सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रकार के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और आपसी प्रेम,सौहार्द एवं एकता को मजबूती प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि संत निरंकारी मिशन श्रीनगर ब्रांच समय-समय पर ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का कार्य करता रहा है। मानव एकता दिवस के इस प्रेरणादायी आयोजन ने यह संदेश पुनः स्थापित किया कि सच्ची मानवता वही है,जो प्रेम,करुणा और निःस्वार्थ सेवा के पथ पर चलकर समाज को एकजुट करने का कार्य करे।