
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
चमोली/ज्योतिर्मठ/श्रीनगर गढ़वाल। सीमांत क्षेत्र ज्योतिर्मठ में समाज सेवा,राष्ट्र निर्माण और युवा सशक्तिकरण की भावना को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जोशीमठ के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सात दिवसीय विशेष शिविर का शुभारंभ स्थानीय गुरुद्वारा साहिब ज्योतिर्मठ में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ। शिविर के उद्घाटन अवसर पर दीप प्रज्वलन एवं अतिथियों के स्वागत के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित नंदा देवी राष्ट्रीय पार्क ज्योतिर्मठ में तैनात रेंज फॉरेस्ट ऑफिसर चेतना कांडपाल ने शिविरार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी होती है। यदि युवा अपने जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर परिश्रम,आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ें,तो वे न केवल व्यक्तिगत सफलता प्राप्त कर सकते हैं बल्कि समाज और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना जैसे मंच युवाओं को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। शिविर के माध्यम से युवाओं को व्यक्तिगत विकास,सहजीवन,अनुशासन,नेतृत्व क्षमता और सामाजिक सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण गुणों को सीखने का अवसर मिलता है। उन्होंने शिविरार्थियों से अपील की कि वे इस सात दिवसीय शिविर को केवल औपचारिक कार्यक्रम न मानते हुए इसे सीखने,समझने और समाज सेवा के प्रति अपनी जिम्मेदारी को महसूस करने का अवसर बनाएं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर प्रीति कुमारी ने कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसके युवाओं के चरित्र,अनुशासन और देशभक्ति की भावना पर निर्भर करती है। उन्होंने कहा कि जब युवा आदर्श चरित्र,अनुशासन और समर्पण की भावना के साथ कार्य करते हैं, तब वे व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ राष्ट्रीय जीवन में भी नई ऊंचाइयों को प्राप्त करते हैं। प्राचार्य ने शिविरार्थियों से आह्वान किया कि वे उच्च शिक्षा के माध्यम से अर्जित ज्ञान,कौशल और आत्मविश्वास का उपयोग समाज की बेहतरी और जनसेवा के कार्यों में करें। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना का उद्देश्य युवाओं में सामाजिक चेतना और जिम्मेदारी की भावना का विकास करना है,जिससे वे भविष्य में एक सजग और संवेदनशील नागरिक बन सकें। राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी डॉ.धीरेंद्र सिंह ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए शिविर के दौरान आयोजित होने वाली गतिविधियों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि शिविर के दौरान स्वच्छता अभियान,पर्यावरण संरक्षण,जन-जागरूकता कार्यक्रम,स्वास्थ्य एवं सामाजिक विषयों पर कार्यशालाएं तथा सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा,जिससे शिविरार्थियों को व्यवहारिक अनुभव प्राप्त हो सके। कार्यक्रम के दौरान एनएसएस इकाई की ओर से छात्रसंघ पदाधिकारियों में अध्यक्ष दिव्यांशु,सचिव सृष्टि,कोषाध्यक्ष स्नेहा और सहसचिव मनीषा का भी पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत व सम्मान किया गया। इस अवसर पर गुरुद्वारा प्रबंधक सरदार मोनू सिंह,डॉ.जी.के.सेमवाल,डॉ.नवीन पंत,मीनाक्षी,जगदीश लाल,शिव सिंह और नंदी देवी सहित महाविद्यालय परिवार,शिविरार्थी छात्र-छात्राएं एवं स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ.चरण सिंह केदारखंडी ने प्रभावशाली ढंग से किया। कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने वातावरण को उत्साहपूर्ण और प्रेरणादायी बना दिया। सात दिवसीय इस विशेष शिविर के माध्यम से युवाओं में सेवा,सहयोग और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को और अधिक सुदृढ़ करने का संकल्प भी लिया गया।