
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाने वाले पशुपालन को प्रोत्साहित करने तथा पशुपालकों को उन्नत नस्लों के पालन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विकासखंड पौड़ी के अंतर्गत ग्राम रछुली में पशुपालन विभाग द्वारा भव्य पशु प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इस आयोजन में क्षेत्र के पशुपालकों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लेते हुए अपने पशुओं का प्रदर्शन किया। प्रदर्शनी में कुल 31 पशुपालकों ने प्रतिभाग किया,जिनके 35 पशुओं के बीच विभिन्न वर्गों में प्रतिस्पर्धा आयोजित की गई। पशु प्रदर्शनी में बछिया,शंकर गाय,बद्री गाय,बैल जोड़ी तथा बकरा-बकरी वर्ग में पशुओं का मूल्यांकन किया गया। निर्णायक मंडल ने पशुओं की नस्ल,स्वास्थ्य,दुग्ध उत्पादन क्षमता,शारीरिक संरचना तथा पशुपालकों द्वारा किए जा रहे रखरखाव के आधार पर विजेताओं का चयन किया। प्रतियोगिता के बाद विभिन्न श्रेणियों में प्रथम,द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले पशुपालकों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया,जबकि अन्य प्रतिभागियों को भी प्रोत्साहन स्वरूप सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए। इस प्रदर्शनी का सबसे आकर्षक क्षण तब रहा जब ग्राम रछुली निवासी नीलम देवी की गाय को सर्वश्रेष्ठ घोषित करते हुए चैंपियन पशु का खिताब प्रदान किया गया। उनकी गाय के उत्तम स्वास्थ्य,बेहतर नस्ल और उत्कृष्ट देखभाल को देखते हुए निर्णायक मंडल ने उसे प्रदर्शनी का सर्वश्रेष्ठ पशु माना। इस उपलब्धि से क्षेत्र के पशुपालकों में भी उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी डॉ.विशाल शर्मा ने कहा कि पशु प्रदर्शनी जैसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालन को बढ़ावा देने के साथ-साथ पशुपालकों को उन्नत नस्ल के पशुओं के पालन के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि पशुपालन आज ग्रामीण स्वरोजगार का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभर रहा है और विभाग द्वारा समय-समय पर पशुपालकों को प्रशिक्षण,तकनीकी मार्गदर्शन तथा चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस अवसर पर पशुचिकित्सालय की सचल इकाई द्वारा शिविर का आयोजन कर पशुओं के उपचार हेतु आवश्यक दवाइयों का वितरण किया गया। साथ ही पशुपालकों को उच्च गुणवत्ता वाले चारा बीज उपलब्ध कराए गए और पशुपालन से संबंधित आधुनिक तकनीकों एवं वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी भी दी गई, जिससे पशुपालक अपने पशुओं की बेहतर देखभाल कर सकें और उत्पादन क्षमता में वृद्धि कर सकें। कार्यक्रम के दौरान पशुचिकित्साधिकारी डॉ.आलोक खंडूड़ी,डॉ.सीमांत नौटियाल,डॉ.एकता बिष्ट,डॉ.सुनिधि चौहान,पशुधन प्रसार अधिकारी आशाराम उनियाल,मनीष मलासी,विवेक कुमार सहित विभागीय अधिकारी,कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण और पशुपालक उपस्थित रहे।