
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। समग्र शिक्षा के अंतर्गत समावेशित शिक्षा को सशक्त आधार देने की दिशा में आज दिनांक 28 फरवरी 2025 को राजकीय नन्दन नगर पालिका जूनियर हाईस्कूल के सभागार में दिव्यांग बच्चों एवं उनके अभिभावकों के लिए वातावरण निर्माण शिविर एवं शैक्षिक प्रतियोगिता का गरिमामय आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं,बल्कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की प्रतिभा को मंच प्रदान करने और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का सशक्त प्रयास सिद्ध हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी अश्वनी रावत द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने सरकार द्वारा दिव्यांगजनों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी अभिभावकों को दी। उन्होंने विशिष्ट दिव्यांग पहचान पत्र (यूडीआईडी कार्ड),सहायक उपकरण योजना,दिव्यांग पेंशन योजना,छात्रवृत्ति योजना,दिव्यांग कौशल विकास योजना तथा ऋण योजना सहित अनेक लाभकारी योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए अभिभावकों से इनका अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया। समावेशित शिक्षा के अंतर्गत विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के समुचित शिक्षण,व्यक्तित्व विकास एवं आत्मनिर्भरता को प्रोत्साहित करने हेतु समय-समय पर अनुकूल एवं नवाचारी वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से विकासखंड स्तर पर यह वातावरण शिविर एवं शैक्षिक प्रतियोगिताएं आयोजित की गई,जिनमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में चित्रकला एवं गायन प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। चित्रकला प्रतियोगिता में उत्तराखंड मानचित्र,प्राकृतिक चित्रण,कार्टून रचना एवं छायाचित्र आधारित प्रस्तुति जैसे विषय शामिल रहे। गायन प्रतियोगिता में लोकगीत,श्लोक उच्चारण एवं कविता पाठ के माध्यम से बच्चों ने अपनी सृजनात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया। परिणाम इस प्रकार रहे चित्रकला प्रतियोगिता-जिया प्रथम (सरस्वती विद्या मंदिर भक्तियाना),शौर्य द्वितीय (रेनबो पब्लिक स्कूल श्रीनगर,आरुषि तृतीय (कक्षा 5),गायन प्रतियोगिता-शौर्य सिंह प्रथम (कक्षा 7),अनुज नेगी द्वितीय (राजकीय प्राथमिक विद्यालय कोठगी),सिमरन तृतीय (कक्षा 4,राजकीय प्राथमिक विद्यालय कलियासौड़,शिविर में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम की खिर्सू इकाई की टीम द्वारा प्रत्येक बच्चे का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा अभिभावकों से परामर्श के माध्यम से बच्चों की आवश्यकताओं की जानकारी ली गई। टीम में डॉ.अतुल उनियाल,डॉ.स्वाति तड़ियाल,निर्मला,परामर्शदाता सपना नेगी एवं दुर्गा नेगी सहित अन्य सदस्यों ने सक्रिय सहयोग प्रदान किया। चिकित्सकीय परीक्षण के साथ-साथ अभिभावकों को आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया गया। कार्यक्रम में उदयराम भट्ट,जयदयाल सिंह चौहान,विपिन गौतम,मुकेश बहुगुणा,नवीन धारीवाल,रोहित देवराड़ी,समन्वयक (सीआरपी) हिमानी,प्रीति,दिव्या सहित अनेक शिक्षकगण एवं अभिभावक सतनाम सिंह,सुमन,सुनिधि,विमला देवी,कमलेश,अनुराधा देवी,वीरेन्द्र,गीता देवी आदि उपस्थित रहे। समापन अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी अश्वनी रावत द्वारा सभी विजेता बच्चों एवं प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। कार्यक्रम का कुशल संचालन मुकेश काला ने किया। समग्र रूप से यह आयोजन दिव्यांग बच्चों के लिए आत्मविश्वास बढ़ाने,उनकी रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने और अभिभावकों को जागरूक करने का प्रेरणादायी प्रयास रहा। यह शिविर इस संदेश के साथ सम्पन्न हुआ कि समावेशित शिक्षा केवल नीति नहीं,बल्कि समाज की संवेदनशील जिम्मेदारी है जहां हर बच्चा विशेष है और उसकी प्रतिभा को सम्मान मिलना चाहिए।