राज्य स्थापना रजत जयंती पर खिर्सू ब्लॉक में उद्यान विभाग द्वारा प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित-किसानों को दी गई आधुनिक बागवानी तकनीकों की जानकारी

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर शुक्रवार को विकास खंड खिर्सू के ग्राम मरखोड़ा में उद्यान विभाग द्वारा एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर शुक्रवार को विकास खंड खिर्सू के ग्राम मरखोड़ा में उद्यान विभाग द्वारा एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्र के किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीकों से परिचित कराना और फलोत्पादन की गुणवत्ता एवं उत्पादकता में वृद्धि के उपाय बताना रहा। प्रशिक्षण सत्र का संचालन कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ.अंशुमन ने किया। उन्होंने किसानों को सेब और कीवी की ड्रिप सिंचाई प्रणाली,उसके घटकों और तकनीकी लाभों की विस्तृत जानकारी दी। डॉ.अंशुमन ने बताया कि पर्वतीय क्षेत्रों में सीमित जल संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए ड्रिप सिंचाई सबसे प्रभावी तकनीक है। इस प्रणाली से पौधों को आवश्यक मात्रा में नमी और पोषक तत्व सटीक रूप से प्राप्त होते हैं,जिससे न केवल उत्पादन में वृद्धि होती है बल्कि फल की गुणवत्ता भी उत्कृष्ट बनी रहती है। उन्होंने किसानों को खेतों में पोषक तत्व प्रबंधन,फलों की छंटाई,रोग नियंत्रण और जल संरक्षण तकनीक के बारे में भी व्यावहारिक सुझाव दिए। इस अवसर पर जिला उद्यान अधिकारी राजेश तिवारी ने किसानों को उद्यान विभाग द्वारा संचालित योजनाओं और अनुदान कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों को आधुनिक कृषि उपकरण,पौध सामग्री,संरक्षित खेती,पॉलीहाउस निर्माण,जल संरक्षण और फल प्रसंस्करण जैसी गतिविधियों के लिए विशेष सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने किसानों से इन योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठाने और वैज्ञानिक खेती अपनाने का आग्रह किया। क्षेत्र के किसानों ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भागीदारी की। किसानों ने बताया कि इस तरह के तकनीकी प्रशिक्षण से न केवल उनकी जानकारी बढ़ती है बल्कि उत्पादन में सुधार के व्यावहारिक मार्ग भी खुलते हैं। कार्यक्रम के अंत में किसानों ने उद्यान विभाग और वैज्ञानिक टीम का आभार व्यक्त करते हुए ऐसे आयोजन भविष्य में भी जारी रखने की मांग की। कार्यक्रम के सफल संचालन में उद्यान पर्यवेक्षक किरण कोठियाल बुघाणी का विशेष योगदान रहा। उन्होंने क्षेत्रीय किसानों को कार्यक्रम में भाग लेने के लिए प्रेरित किया और विभागीय योजनाओं से संबंधित जानकारी साझा की। राज्य स्थापना रजत जयंती के अवसर पर आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम पर्वतीय कृषि के लिए एक सकारात्मक पहल साबित हुआ। इससे किसानों को आधुनिक उद्यानिकी पद्धतियों से जोड़ने और सतत कृषि विकास की दिशा में नई ऊर्जा मिली है।

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