
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर का ऐतिहासिक रामलीला मैदान अब शीघ्र ही एक भव्य और आधुनिक स्वरूप में दिखाई देगा। राज्य के कैबिनेट मंत्री डॉ.धन सिंह रावत द्वारा रामलीला मैदान के सौंदर्यीकरण एवं मंच निर्माण के लिए 171.50 लाख की धनराशि स्वीकृत किए जाने के बाद बुधवार को इस परियोजना का शिलान्यास एवं भूमि पूजन विधिवत रूप से संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण घोषणा के बाद पूरे क्षेत्र में उत्साह और प्रसन्नता का माहौल है। बार काउंसिल ऑफ उत्तराखंड के सदस्य अर्जुन सिंह भंडारी तथा बार एसोसिएशन श्रीनगर के संरक्षक अनूप पांथरी ने इस पहल के लिए डॉ.रावत का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ.धन सिंह रावत द्वारा श्रीनगर के रामलीला मैदान को विकसित करने हेतु की गई यह पहल न केवल एक अवसंरचनात्मक परियोजना है,बल्कि यह क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर,कला और लोक परंपरा के पुनर्जीवन की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। अनूप पांथरी ने कहा कि डॉ.रावत ने सदैव शिक्षा,स्वास्थ्य,सहकारिता और जनसेवा के क्षेत्रों में नवाचार और समर्पण का नया मानक स्थापित किया है। उनका यह प्रयास स्थानीय जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है। उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान का सौंदर्यीकरण और मंच निर्माण होने से न केवल सांस्कृतिक कार्यक्रमों को प्रोत्साहन मिलेगा,बल्कि क्षेत्र की स्थानीय कला,रंगमंच और लोक संस्कृति को भी नई पहचान प्राप्त होगी। यह मैदान अब बड़े स्तर पर सांस्कृतिक,सामाजिक एवं जनसंपर्क कार्यक्रमों के लिए उपयुक्त मंच के रूप में विकसित होगा। इस अवसर पर बार एसोसिएशन श्रीनगर के सभी सदस्यों ने सामूहिक रूप से मंत्री डॉ.रावत के प्रति खुशी और आभार व्यक्त किया। आभार व्यक्त करने वालों में संरक्षक अनूप पांथरी,अध्यक्ष प्रमेश चंद्र जोशी,कोषाध्यक्ष सुबोध भट्ट,पूर्व सह सचिव प्रदीप मैठाणी,सचिव ब्रह्मानंद भट्ट,पूर्व अध्यक्ष दीपक भंडारी,पूर्व उपाध्यक्ष विवेक जोशी,पूर्व महासचिव विकास पंत,सह सचिव देवी प्रसाद खरे,सुनीता भंडारी,नितेश भारती,एस.पी.शुक्ला,गौरव उपाध्याय,ओम प्रकाश मैठाणी,बलबीर सिंह रौतेला,सुरेंद्र सिंह रौथाण,राजेश जैन,आनंद सिंह बुटोला सहित अनेक वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल रहे। सभी अधिवक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि डॉ.धन सिंह रावत द्वारा की गई यह पहल श्रीनगर की सांस्कृतिक पहचान को नया जीवन देगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए यह मैदान गौरव और प्रेरणा का केंद्र बनेगा।