राष्ट्रीय डेयरी विकास योजना के अंतर्गत श्रीनगर आंचल दुग्ध उत्पादन सहकारी समिति में दो दिवसीय ट्रेनिंग एवं माइक्रो ट्रेनिंग सेंटर का शुभारंभ

हिमालय टाइम्सगबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और दुग्ध उत्पादन को वैज्ञानिक पद्धति से बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (एन.पी.डी.डी.) के तहत श्रीनगर आंचल दुग्ध उत्पादन

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गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने और दुग्ध उत्पादन को वैज्ञानिक पद्धति से बढ़ावा देने के उद्देश्य से राष्ट्रीय डेयरी विकास कार्यक्रम (एन.पी.डी.डी.) के तहत श्रीनगर आंचल दुग्ध उत्पादन सहकारी समिति में दो दिवसीय चारा विकास कार्यक्रम एवं माइक्रो ट्रेनिंग सेंटर का शुभारंभ किया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में महिला डेयरी उत्पादक और किसान शामिल हुए। कार्यक्रम की झलकियां-एन.पी.डी.डी.सहकारी समितियों के माध्यम से डेयरी विकास योजना के अंतर्गत दो दिवसीय प्रशिक्षण आयोजन,पशुपालकों को हरे चारे की वैज्ञानिक खेती,साइलेंज निर्माण,औषधीय देखभाल और दूध उत्पादन बढ़ाने के उपायों की दी गई जानकारी,श्रीनगर में माइक्रो ट्रेनिंग सेंटर का उद्घाटन,जिससे स्थानीय स्तर पर पशु चारा प्रसंस्करण होगा आसान,विशेषज्ञों ने दिया संदेश-आज की बछिया,कल की दुधारू गाय कार्यक्रम में सैकड़ों ग्रामीण महिलाएं और किसान शामिल हुए। इस अवसर पर विशेषज्ञों ने कहा कि अच्छे दुधारू पशु खरीदे नहीं जाते,बल्कि सहेजकर पाले जाते हैं। वैज्ञानिक पोषण,देखभाल और उचित प्रबंधन से ही पशु स्वस्थ व उत्पादक बनते हैं। कार्यक्रम में मीथेन गैस उत्सर्जन में कमी,दूध की गुणवत्ता सुधार और कम लागत में अधिक उत्पादन के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि उन्नत हरा चारा उत्पादन पशुओं के लिए सूक्ष्म पोषक तत्वों का सस्ता और प्रभावी स्रोत है। इसके माध्यम से न केवल पशुओं का स्वास्थ्य सुधरता है,बल्कि दुग्ध उत्पादन में भी स्थायी बढ़ोतरी होती है। कार्यक्रम के दौरान सूक्ष्म प्रशिक्षण केंद्र (माइक्रो ट्रेनिंग सेंटर) का उद्घाटन किया गया। यह केंद्र स्थानीय स्तर पर किसानों को हरे चारे के वैज्ञानिक प्रबंधन,पोषण संतुलन और साइलेंज तकनीक का प्रशिक्षण देगा। इस अवसर पर उत्तराखंड सहकारी समिति फाउंडेशन के सह-प्रबंध निदेशक जयदीप अरोड़ा,सामान्य प्रबंधक (प्रशासन) आर.एम.तिवारी,डॉ.एच.एस.कुटोला,देवकी सेमवाल,वंदना नैनवाल सहित सहकारी डेयरी प्रशिक्षण संस्था,नैनीताल के विशेषज्ञ उपस्थित रहे। आंचल दुग्ध उत्पादन सहकारी संघ श्रीनगर की ओर से सभी अतिथियों का फूलमालाओं और बुके से स्वागत किया गया। कार्यक्रम में प्रबंधक दुग्ध संघ श्रीनगर श्रवण कुमार,सहायक निदेशक डेयरी विकास विभाग नरेंद्र लाल,पर्यवेक्षक सरोजनी कैंतुरा,सुनिता चंदोला,कमलेश राणा,हेमती गुसाईं,नंदा सेमवाल सहित समिति के कर्मचारी उपस्थित रहे। सिंडी जसकोट,मरगुण,सुमाड़ी,डोभ,श्रीकोट,झाला,सरणा-मसूड़,अस्नोली,ज्यालगढ़,देवलगढ़ आदि ग्रामीण क्षेत्रों से आई महिला डेयरी उत्पादकों ने प्रशिक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाई। महिला समूहों ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और दुग्ध उत्पादन में गुणवत्ता के साथ परिमाणात्मक वृद्धि करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ-आत्मनिर्भर डेयरी,सशक्त महिला-सशक्त ग्राम

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