
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान एनआईटी उत्तराखंड के भौतिकी विभाग एवं गणित विभाग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित प्रथम अंतरराष्ट्रीय एवं सप्तम राष्ट्रीय सम्मेलन भौतिक विज्ञान में नवीन प्रगतियां का उद्घाटन सत्र 6 फरवरी 2026 को हाइब्रिड माध्यम ऑनलाइन एवं ऑफलाइन में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। यह तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन 8 फरवरी 2026 तक चलेगा। सम्मेलन को राष्ट्रीय अनुसंधान प्रतिष्ठान एएनआरएफ,रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन डीआरडीओ,केनरा बैंक एवं भारतीय स्टेट बैंक का सहयोग प्राप्त है। सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में प्रो.त्रिप्ता ठाकुर कुलपति वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भौतिक विज्ञान आधुनिक समाज की वैज्ञानिक,तकनीकी और औद्योगिक चुनौतियों के समाधान की आधारशिला है। यह सम्मेलन प्रो.करुणेश कुमार शुक्ला,निदेशक मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान भोपाल एवं एनआईटी उत्तराखंड के संरक्षण में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने अपने संदेश में भौतिक विज्ञान को नवाचार,अनुसंधान और राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम बताया। सम्मेलन के विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो.पीवीबी.सुब्रह्मण्यम निदेशक केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय देवप्रयाग तथा प्रो.पवन कुमार शर्मा,कुलसचिव श्री लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नई दिल्ली ने सहभागिता की। उन्होंने आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान में भारतीय ज्ञान परंपरा की प्रासंगिकता और वैज्ञानिक महत्त्व को रेखांकित करते हुए कहा कि प्राचीन भारतीय चिंतन आज भी वैश्विक विज्ञान को दिशा देने की क्षमता रखता है। इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का संयोजन डॉ.धर्मेन्द्र त्रिपाठी एवं डॉ.जागृति सहारिया द्वारा किया जा रहा है। उद्घाटन समारोह के दौरान दीप प्रज्वलन,सरस्वती वंदना,अतिथियों का सम्मान तथा सम्मेलन स्मारिका का विमोचन किया गया,जिससे वातावरण पूर्णतः अकादमिक एवं सांस्कृतिक गरिमा से परिपूर्ण रहा। उद्घाटन सत्र के उपरांत सम्मेलन की शुरुआत विशेष व्याख्यान,मुख्य व्याख्यान एवं तकनीकी सत्रों से हुई। ICRAPS-2026 के प्रमुख विशेष वक्ताओं में प्रो.एलन जेफ्री जियाकोमिन अमेरिका,प्रो.डॉ.नताली जर्मन जर्मनी तथा प्रो.जितेश गज्जर यूनाइटेड किंगडम शामिल हैं। इसके अतिरिक्त भारत एवं विदेशों से पधारे अनेक प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों द्वारा शोध व्याख्यान प्रस्तुत किए जा रहे हैं। इनमें दक्षिण अफ्रीका,अमेरिका,यूनाइटेड किंगडम,मलेशिया,बोत्सवाना,थाईलैंड सहित देश-विदेश के ख्यातिप्राप्त विश्वविद्यालयों एवं शोध संस्थानों से जुड़े विद्वान सम्मिलित हैं। सम्मेलन को शोधार्थियों एवं शिक्षाविदों से अत्यंत उत्साहजनक प्रतिक्रिया प्राप्त हुई है। इसमें 250 से अधिक शोध पत्र प्राप्त हुए,जिनमें से लगभग 200 शोध पत्रों का चयन मौखिक एवं पोस्टर प्रस्तुतियों के लिए किया गया है। चयनित शोध पत्रों का प्रकाशन प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं एवं संपादित पुस्तकों में किया जाएगा,जिससे शोधकर्ताओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान प्राप्त होगी। उद्घाटन के पश्चात आयोजित तकनीकी सत्रों में शिक्षकों,शोधकर्ताओं एवं विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। सम्मेलन के आगामी दो दिनों में समानांतर तकनीकी सत्र,आमंत्रित व्याख्यान एवं पैनल चर्चाएं आयोजित की जाएंगी,जिनमें भौतिक विज्ञान की नवीनतम उपलब्धियों और उनके बहुविषयक अनुप्रयोगों पर गहन मंथन होगा। सम्मेलन के अंतर्गत 6 फरवरी 2026 को ही भारतीय ज्ञान परंपरा में भौतिक विज्ञान विषय पर एक एक-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन भी किया गया। इस संगोष्ठी में प्राचीन भारतीय ग्रंथों एवं ज्ञान परंपराओं में निहित वैज्ञानिक अवधारणाओं की आधुनिक भौतिक विज्ञान से संगति पर विस्तार से चर्चा की गई,जिससे सम्मेलन की अकादमिक गरिमा और अधिक सुदृढ़ हुई। कार्यक्रम के दौरान हरि मौल आजाद कुलसचिव,डॉ.हरदीप कुमार विभागाध्यक्ष भौतिकी विभाग,डॉ.डी.बी.सिंह विभागाध्यक्ष गणित विभाग,डॉ.कुसुम शर्मा,डॉ.शशांक भातरा,डॉ.जयवर्धन आयोजन सचिव सहित एनआईटी उत्तराखंड के संकाय सदस्य,कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। ICRAPS-2026 न केवल भौतिक विज्ञान में नवीन अनुसंधान एवं वैश्विक सहयोग का सशक्त मंच सिद्ध हो रहा है,बल्कि भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान के समन्वय का एक प्रेरणादायी उदाहरण भी प्रस्तुत कर रहा है।