राष्ट्रीय वाद-विवाद प्रतियोगिता 2026 हेतु गढ़वाल विश्वविद्यालय में प्रतिभागियों की चयन प्रक्रिया सम्पन्न

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित मेवाड़ विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तर की अखिल भारतीय नंदलाल गड़िया स्मृति वाद-विवाद प्रतियोगिता 2026

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित मेवाड़ विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय स्तर की अखिल भारतीय नंदलाल गड़िया स्मृति वाद-विवाद प्रतियोगिता 2026 के लिए प्रतिभागियों की चयन प्रक्रिया सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। यह चयन प्रक्रिया विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.ओ.पी.गुसाईं के निर्देशन में एसीएल सभागार में आयोजित की गई। सोमवार को आयोजित इस विश्वविद्यालय स्तरीय चयन प्रतियोगिता में 70 से अधिक छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों माध्यमों में अपने विचार और तर्क प्रस्तुत किए। चयन प्रक्रिया के माध्यम से उन प्रतिभागियों का चयन किया जाना है,जो आगामी 27 एवं 28 फरवरी 2026 को मेवाड़ विश्वविद्यालय चित्तौड़गढ़ राजस्थान में आयोजित राष्ट्रीय वाद-विवाद प्रतियोगिता में गढ़वाल विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करेंगे। चयन प्रक्रिया की जानकारी देते हुए डॉ.सविता भण्डारी ने प्रतिभागियों को प्रतियोगिता की विस्तृत रूपरेखा से अवगत कराते हुए समय-सीमा,इंटरजेक्शन की प्रक्रिया,विषय-वस्तु की तार्किक संरचना तथा प्रभावी प्रस्तुति कौशल पर विशेष मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय मंच पर अपनी बात रखने के लिए विषय की गहरी समझ के साथ-साथ सुसंगत और संतुलित तर्क प्रस्तुत करना अत्यंत आवश्यक है। इस वर्ष वाद-विवाद का विषय क्या भारत मे जन-कल्याणकारी योजनाएं सिर्फ वोट बटोरने का एक जरिया बन गई हैं। जिस पर प्रतिभागियों ने समसामयिक दृष्टिकोण रखते हुए तथ्यों,उदाहरणों और संवैधानिक मूल्यों के आधार पर अपने विचार प्रस्तुत किए। छात्रों के तर्कों में सामाजिक सरोकार,नीति विश्लेषण और लोकतांत्रिक दृष्टिकोण की झलक देखने को मिली। निर्णायक मंडल में प्रो.महेन्द्र बाबू एमबीए विभाग,डॉ.राकेश नेगी राजनीति विज्ञान विभाग तथा डॉ.नितेश बौठियाल अंग्रेजी विभाग शामिल रहे। निर्णायकों ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि वाद-विवाद में भाषा की शुद्धता के साथ-साथ आत्मविश्वास,तथ्यों की प्रमाणिकता,विचारों की स्पष्टता और समय-प्रबंधन निर्णायक भूमिका निभाते हैं। उन्होंने छात्रों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए निरंतर अभ्यास और अध्ययन पर बल दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन सहायक अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ.कपिल पंवार एवं डॉ.सविता भण्डारी द्वारा किया गया। चयन प्रक्रिया के समापन पर प्रतिभागियों में उत्साह और आत्मविश्वास देखने को मिला,वहीं विश्वविद्यालय प्रशासन ने चयनित प्रतिभागियों को राष्ट्रीय मंच पर बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं।

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