
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड में नारी शक्ति के संगठन,संस्कार और राष्ट्र निर्माण की भावना को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राष्ट्र सेविका समिति एक बार फिर सक्रिय भूमिका में नजर आ रही है। आगामी अधिकारी प्रशिक्षण वर्ग (ओटीसी) को सफल बनाने हेतु समिति की तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो चुकी हैं,जिससे कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। समिति की सर्वव्यवस्था प्रमुख कृष्णा भट्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि इस दिशा में पहला महत्वपूर्ण चरण हाल ही में पूर्ण हुआ है। 28 मार्च से 31 मार्च तक सरस्वती शिशु मंदिर,श्रीनगर में आयोजित चार दिवसीय प्राथमिक शिक्षा वर्ग (आईटीसी) का सफल आयोजन किया गया,जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं एवं युवतियों ने सहभागिता कर प्रशिक्षण प्राप्त किया। उन्होंने बताया कि अब अगला और महत्वपूर्ण चरण 30 मई से 12 जून तक बाजपुर में आयोजित होने वाला ओटीसी प्रशिक्षण वर्ग है। इस वर्ग में वही प्रतिभागी शामिल हो सकेंगे,जिन्होंने प्राथमिक शिक्षा वर्ग पूर्ण किया है-चाहे वह श्रीनगर या अन्य किसी स्थान से क्यों न हो। यह प्रशिक्षण प्रतिभागियों के व्यक्तित्व विकास,नेतृत्व क्षमता,संगठनात्मक दक्षता और राष्ट्र सेवा की भावना को मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। कृष्णा भट्ट ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि अधिक से अधिक महिलाओं को प्रशिक्षण से जोड़ने के उद्देश्य से रुद्रप्रयाग जनपद के ऊखीमठ क्षेत्र में भी प्राथमिक शिक्षा वर्ग का आयोजन प्रस्तावित है। उन्होंने इच्छुक प्रतिभागियों से अपील की कि वे समय रहते संपर्क स्थापित कर इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का लाभ उठाएं और राष्ट्र सेवा के इस अभियान का हिस्सा बनें। उन्होंने श्रीनगर में संपन्न प्राथमिक शिक्षा वर्ग की सफलता के लिए सभी कार्यकर्ताओं के समर्पण और सहयोग की सराहना करते हुए विशेष रूप से नगर कार्यवाहिका किरण भट्ट,नगर बौद्धिक प्रमुख आरती थपलियाल,कुसुम नेगी,रेनू सुंद्रियाल,आशा फारसी,मुख्य शिक्षिका आरुषि राणा,अनन्या काला,वर्षा भट्ट,मानसी,प्रिया और पावनी सहित समस्त सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। अंत में उन्होंने कहा कि किसी भी संगठन की सफलता सामूहिक प्रयास,अनुशासन और समर्पण पर आधारित होती है,और यही भावना इस प्रशिक्षण वर्ग में स्पष्ट रूप से दिखाई दी है। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी बाजपुर ओटीसी भी इसी उत्साह और ऊर्जा के साथ सफलता के नए आयाम स्थापित करेगा। राष्ट्र सेविका समिति का यह प्रयास नारी शक्ति को संगठित कर समाज और राष्ट्र के निर्माण में नई ऊर्जा का संचार कर रहा है।