
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था और महान व्यक्तित्वों के योगदान को समझने का एक अनूठा अवसर अब हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को मिलने जा रहा है। लोकसभा के प्रतिष्ठित प्राइड कार्यक्रम के अंतर्गत आगामी 14 अप्रैल 2026 को आयोजित होने वाले नाउ योर लीडर राष्ट्रीय आयोजन के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर प्रतिभागियों के चयन हेतु एक विशेष क्विज प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। यह प्रतियोगिता न केवल विद्यार्थियों के ज्ञान का परीक्षण करेगी,बल्कि उन्हें देश की संसद से जुड़ने और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने का भी सुनहरा अवसर प्रदान करेगी। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा इसे एक गौरवपूर्ण पहल बताते हुए अधिक से अधिक छात्रों से इसमें भाग लेने की अपील की गई है। विश्वविद्यालय स्तर पर यह क्विज प्रतियोगिता 28 मार्च 2026 (शनिवार) को अपराह्न 2.30 बजे बिड़ला परिसर स्थित एसीएल सभागार में आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता का विषय डॉ.भीमराव अंबेडकर के जीवन एवं योगदान रखा गया है,जो भारतीय संविधान,सामाजिक न्याय और समता के मूल्यों को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा। इस प्रतियोगिता के माध्यम से विश्वविद्यालय से एक छात्र और एक छात्रा का चयन किया जाएगा,जिन्हें संसद परिसर में आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर मिलेगा। यह चयन विद्यार्थियों के लिए न केवल सम्मान का विषय होगा,बल्कि उनके शैक्षणिक और व्यक्तित्व विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भी साबित होगा। प्रतियोगिता में विश्वविद्यालय के सभी नियमित छात्र-छात्राएं स्नातक,स्नातकोत्तर एवं शोध स्तर (पीएचडी) वाले भाग लेने के पात्र हैं। इच्छुक प्रतिभागियों को 27 मार्च 2026 तक गूगल फॉर्म लिंक अथवा क्यूआर कोड के माध्यम से अपना पंजीकरण सुनिश्चित करना होगा। समय पर पंजीकरण को अनिवार्य बताते हुए प्रशासन ने विद्यार्थियों से अंतिम तिथि का विशेष ध्यान रखने की अपील की है। इस संबंध में प्रतियोगिता के संयोजक एवं फार्मेसी विभाग के डॉ.मनोज गोयल ने कहा कि यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए अपने ज्ञान,सोच और अभिव्यक्ति को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी पात्र विद्यार्थियों से अपील की कि वे समय रहते पंजीकरण कर इस प्रतियोगिता में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करें। यह आयोजन न केवल एक प्रतियोगिता है,बल्कि युवा पीढ़ी को संविधान निर्माता के विचारों से जोड़ने और उन्हें लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक सार्थक पहल के रूप में देखा जा रहा है। विश्वविद्यालय परिसर में इसे लेकर उत्साह का माहौल है और छात्र बड़ी संख्या में इसमें भाग लेने के लिए उत्सुक नजर आ रहे हैं।