
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में हाल ही में छात्रों द्वारा उठाई गई विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को कुलपति सचिवालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश ने की। इस बैठक में 11 नवंबर को विश्वविद्यालय परिसर में हुए छात्र विरोध प्रदर्शन पर चर्चा करते हुए कुलपति ने सभी अधिकारियों एवं शिक्षकों से घटना का विस्तृत विवरण प्राप्त किया। कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश ने बैठक के प्रारंभ में कहा कि शैक्षणिक संस्थान विचार-विमर्श और अनुशासन के केंद्र होते हैं,इसलिए किसी भी प्रकार की अव्यवस्थित या आक्रामक गतिविधि विश्वविद्यालय की गरिमा को ठेस पहुंचाती है। उन्होंने कहा कि छात्र अपनी मांगों को हमेशा संवाद और अनुशासन के माध्यम से रखें ताकि समाधान का रास्ता सहज बने। कुलपति ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय परिवार के हर सदस्य की जिम्मेदारी है कि हम शिक्षा के वातावरण को सौहार्दपूर्ण और सकारात्मक बनाए रखें। छात्रों की समस्याएं और सुझाव हमारे लिए सदैव महत्वपूर्ण हैं। बैठक के दौरान छात्रसंघ अध्यक्ष महिपाल बिष्ट और महासचिव अनुरोध पुरोहित ने छात्रों की ओर से कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। इनमें दीक्षांत समारोह में सभी छात्रों को डिग्री वितरण,गढ़वाली पारंपरिक वेशभूषा और संस्कृति को बढ़ावा देने,विश्वविद्यालय परिसर में नए रीडिंग रूम (अध्ययन कक्ष) की स्थापना तथा शुल्क संबंधित मुद्दों के समाधान जैसी मांगें प्रमुख रहीं। कुलपति ने इन सभी मांगों पर सकारात्मक दृष्टिकोण व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों के हित में व्यवहारिक और दीर्घकालिक समाधान की दिशा में कार्य करेगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि इन मांगों पर संबंधित विभागों से समन्वय कर शीघ्र निर्णय लिया जाएगा। बैठक में कुलसचिव प्रो.राकेश डोडी ने छात्रों द्वारा सौंपे गए मांग पत्र की प्रत्येक बिंदु को प्रस्तुत किया और उस पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान कुलपति ने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक विभाग अपने-अपने स्तर पर छात्रों की सुविधाओं को प्राथमिकता देते हुए कार्रवाई सुनिश्चित करें। विश्वविद्यालय का हर निर्णय छात्रों के हित में ही लिया जाएगा। हमारा उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ ऐसा वातावरण तैयार करना है जहां छात्र अपनी संस्कृति और परंपरा पर गर्व महसूस करें। बैठक में अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो.ओ.पी.गुसाईं,मुख्य नियंता प्रो.एस.सी.सती,संकायाध्यक्ष (नियुक्ति एवं प्रोन्नति) प्रो.मोहन पंवार,मुख्य छात्र सलाहकार प्रो.एम.एम.सेमवाल,संकायाध्यक्ष प्रो.एम.एम.एस.रौथाण,प्रो.मंजुला राणा,प्रो.हरभजन चौहान,प्रो.राजेंद्र नेगी,प्रो.वाई.एस.फर्स्वाण,प्रो.गुड्डी बिष्ट समेत सभी संकायाध्यक्ष,प्रकोष्ठों के अध्यक्ष,विभागाध्यक्ष और विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में यह निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों से निरंतर संवाद बनाए रखेगा और उनकी शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाओं का विस्तार करेगा। कुलपति ने सभी शिक्षकों और अधिकारियों से आग्रह किया कि वे सकारात्मक संवाद और सहयोग की भावना से विश्वविद्यालय को उत्कृष्टता की ओर अग्रसर करें।