
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। विश्व एड्स दिवस के अवसर पर श्रीनगर मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित कम्युनिटी मेडिसिन विभाग द्वारा जागरूकता का एक व्यापक और प्रभावी अभियान चलाया गया। विभाग ने न केवल शैक्षणिक गतिविधियों पर जोर दिया,बल्कि एड्स के प्रति फैली भ्रांतियों को दूर करने तथा युवाओं को वैज्ञानिक तथ्यों से अवगत कराने के उद्देश्य से कई आकर्षक कार्यक्रम आयोजित किए। दिनभर चले कार्यक्रमों की शुरुआत पोस्टर प्रतियोगिता से हुई,जिसमें छात्रों ने एड्स जागरूकता को रंगों और रचनात्मकता के माध्यम से प्रभावशाली संदेशों में पिरोया। भाषण प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने एड्स से जुड़े सामाजिक मिथक,संक्रमण के वास्तविक कारण,रोकथाम के उपाय और जागरूकता की आवश्यकता पर सारगर्भित वक्तव्य दिए। क्विज प्रतियोगिता ने छात्रों के ज्ञान,त्वरित निर्णय क्षमता और तथ्यों की समझ को परखा,जिसमे प्रतिभागियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का प्रमुख केंद्र सीएमई (निरंतर चिकित्सा शिक्षा) सत्र रहा,जहां विशेषज्ञों ने एड्स के विभिन्न पहलुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। डॉ. सुरेंद्र सिंह ने एड्स की उत्पत्ति,संक्रमण के तरीके,रोकथाम और वैश्विक प्रभाव पर वैज्ञानिक जानकारी देते हुए जागरूकता की आवश्यकता पर जोर दिया। डॉ.सूर्याकांत ने एड्स की जांच पद्धतियों,आधुनिक डायग्नोस्टिक तकनीकों और समय पर परीक्षण की महत्ता पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया। डॉ.राजेंद्र शर्मा ने एड्स के उपचार,एआरटी (एंटी-रेट्रोवायरल थेरेपी) के महत्व और नवीन चिकित्सा उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के अंत में विभाग द्वारा एक जागरूकता रैली का आयोजन किया गया,जिसमें एमबीबीएस और पैरामेडिकल छात्र-छात्राओं ने एड्स जागरूकता-जीवन रक्षा का संदेश देते हुए लोगों को सुरक्षित व्यवहार अपनाने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की। कार्यक्रम में डॉ.विनिता रावत,डॉ.सतीश,डॉ.कैलाश गैरोला,डॉ.जय कुमार,डॉ.राजेंद्र शर्मा,डॉ.सुरेंद्र सिंह,डॉ.प्रियंका गुप्ता और डॉ.सुनीता पंडिता की उपस्थिति ने कार्यक्रम को ज्ञानपूर्ण और प्रभावशाली बनाया। कार्यक्रम में एमबीबीएस और पैरामेडिकल छात्रों की भारी भागीदारी ने यह संदेश दिया कि युवा पीढ़ी सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूक और अपने दायित्वों को लेकर सजग है। कम्युनिटी मेडिसिन विभाग द्वारा आयोजित यह अभियान न केवल शैक्षणिक था,बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने का एक सफल प्रयास भी साबित हुआ।