
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
कीर्तिनगर/श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि उत्तराखंड की लोकसंस्कृति,वीर परंपरा और शौर्य गाथाओं को जीवंत बनाए रखने वाला अमर शहीद नागेंद्र सकरानी एवं मोलू भरदारी स्मृति शहीदी मेला कीर्तिनगर में आज श्रद्धा,उत्साह और सांस्कृतिक गौरव के साथ विधिवत संपन्न हो गया। मेले के समापन अवसर पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों,लोक प्रस्तुतियों और पौराणिक मंचन ने पूरे क्षेत्र को भावनाओं और आस्था के रंग में रंग दिया। समापन समारोह में देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी एवं खंड शिक्षा अधिकारी कीर्तिनगर डॉ.यशवंत सिंह नेगी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। अति विशिष्ट अतिथियों में खोला-कड़ाकोट की जिला पंचायत सदस्य कविता देवी,नगर पंचायत कीर्तिनगर के अध्यक्ष डॉ.राकेश मोहन मैठाणी,सभासद कुलदीप रावत,मनमोहन रावत,दीपा देवी एवं सविता उनियाल की गरिमामयी उपस्थिति रही। मेले के दौरान स्थानीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत लोक सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोक गायक प्रभु दयाल ने राय राजेश्वरी का जागरण प्रस्तुत कर धार्मिक वातावरण को भक्तिमय बना दिया,वहीं लोक गायक रविंद्र पुंडीर ने नागराजा की सशक्त प्रस्तुति देकर खूब तालियां बटोरीं। अंजू नेगी द्वारा प्रस्तुत मां नंदा देवी का भजन श्रोताओं को भावविभोर कर गया। मेले के अंतिम दिन प्रस्तुत किया गया अभिमन्यु वध का सजीव मंचन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। महाभारत काल की इस वीरगाथा को कलाकारों ने इतनी जीवंतता से मंच पर उतारा कि दर्शक पूरी तरह भावनात्मक रूप से जुड़ गए। वीर अभिमन्यु के त्याग,शौर्य और बलिदान को देखकर लोगों की आंखें नम हो गईं। इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष डॉ.राकेश मोहन मैठाणी ने अपने संबोधन में कहा कि वीरों की स्मृति में गाए जाने वाले लोकगीत,पवाड़े और शौर्य गाथाएं हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की पहचान हैं। ये लोक परंपराएं न केवल हमें अपने इतिहास से जोड़ती हैं,बल्कि समाज को एकता,संस्कार और राष्ट्रप्रेम के सूत्र में भी बांधती हैं। शहीदों की स्मृति को नमन करते हुए आयोजित यह मेला श्रद्धा,उत्साह और सांस्कृतिक चेतना के साथ संपन्न हुआ। कीर्तिनगर क्षेत्र में इस आयोजन ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि लोक-संस्कृति और वीर परंपराएं आज भी जनमानस में जीवित हैं और आने वाली पीढ़ियों को दिशा देने का कार्य कर रही हैं।