
हिमालय टाइम्स
गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। शिक्षा और कृषि क्षेत्र में जनजागरूकता एवं सहयोग के उद्देश्य से आराध्या वेलफेयर एजुकेशन एंड एग्रीकल्चर फाउंडेशन द्वारा पौड़ी गढ़वाल की पवित्र धरा पर एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बच्चों और किसानों दोनों को लाभान्वित करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गई। कार्यक्रम में बच्चों के लिए क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया,जिसमें बेहतर अंक लाने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र और कॉपियां प्रदान की गई। निर्धन बच्चों को भी प्रोत्साहित कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया गया।
दूसरी ओर किसानों के लिए हर्बल,ऑर्गेनिक और जड़ी-बूटी आधारित खेती पर विशेष चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने बताया कि उत्तराखंड की जलवायु इन फसलों के लिए बेहद अनुकूल है और यदि इनका सही दोहन व वैज्ञानिक संशोधन हो,तो यह प्रदेश की आर्थिकी को सशक्त बना सकता है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कोट ब्लॉक प्रमुख गणेश कोहली,कनिष्ठ प्रमुख अनिल गुसाई,समाजसेवी तारा,राजपाल,नरेंद्र भाई नरू,दुर्गा प्रसाद खंडूड़ी,देवेंद्र बिष्ट,कुलबीर पंवार पीटीए अध्यक्ष,भाजपा नेता धर्मवीर सिंह नेगी,प्रधानाचार्य राकेश नैथानी व उनका स्टाफ,प्रधानाचार्या राजकुमारी पंवार,आचार्य राकेश बमराड़ा,पूर्व प्रधान राधाकृष्ण बमराड़ा,पूर्व अध्यापक गजे सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान,अभिभावक और क्षेत्रीय जनता मौजूद रही। कार्यक्रम का संचालन उत्तराखंड के प्रसिद्ध अभिनेता बिर्जेश भट्ट ने किया। संस्था के अध्यक्ष प्रवीण शर्मा,सचिव नरेश चौहान,एग्रीकल्चर ट्रेनर दीपेश चौहान,राकेश चौहान और धर्मवीर सिंह चौहान ने मिलकर कार्यक्रम को सफलतापूर्वक संपन्न कराया। स्टेट प्रभारी अंकित भट्ट और जिला प्रभारी वीरेंद्र सिंह राणा के सहयोग से ही यह आयोजन संभव हो पाया। आराध्या वेलफेयर एजुकेशन एंड एग्रीकल्चर फाउंडेशन पिछले कई वर्षों से शिक्षा,कौशल विकास,कृषि उन्नति और समाज सेवा के लिए कार्यरत है। संस्था का लक्ष्य है हर बच्चे तक शिक्षा की रोशनी पहुंचाना,ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का प्रसार और निर्धन बच्चों को सहयोग,किसानों को आधुनिक खेती और जैविक पद्धतियों से जोड़ना,युवाओं को स्वरोजगार और कौशल विकास के अवसर उपलब्ध कराना,गांवों में स्वास्थ्य,स्वच्छता और पर्यावरण के प्रति जागरूकता फैलाना। संस्था की ओर से कहा गया गांव ही असली भारत है। यहां की मिट्टी,खेत-खलिहान और किसान हमारी धरोहर हैं। अगर शिक्षा और खेती मजबूत होंगी तो गांव आत्मनिर्भर बनेगा और देश भी। हमारा संकल्प है कि हम शिक्षा की लौ जलाएंगे,किसानों को नई तकनीक से जोड़ेंगे और समाज सेवा की भावना को आगे बढ़ाएंगे। कार्यक्रम में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने गीत,नृत्य और नाटकों के माध्यम से शिक्षा और समाज सेवा का महत्व प्रस्तुत किया। उनकी प्रतिभा ने उपस्थित सभी अतिथियों का मन मोह लिया। यह कार्यक्रम शिक्षा,संस्कृति और कृषि उत्थान का ऐसा संगम साबित हुआ जिसने न केवल बच्चों में उत्साह भरा,बल्कि किसानों को भी नई दिशा दिखलाई। क्षेत्रीय जनता और अतिथियों ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए संस्था के कार्यों की सराहना की।