
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। छात्र हितों,शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त चुनौतियों और विश्वविद्यालयों में लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूती को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) का श्रीनगर इकाई सम्मेलन गुरुवार को उत्साहपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुआ। सम्मेलन में छात्र राजनीति की प्रासंगिकता,शिक्षा के बढ़ते निजीकरण,पेपर लीक की घटनाओं,महिला अधिकारों,बेरोजगारी तथा विश्वविद्यालय परिसरों में छात्रों की लोकतांत्रिक भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गंभीर चर्चा की गई। इस दौरान संगठन की नई नगर कार्यकारिणी का सर्वसम्मति से गठन करते हुए छात्र आंदोलन को और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया। सम्मेलन में मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के राज्य सचिव कॉमरेड इंद्रेश मैखुरी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा व्यवस्था अनेक चुनौतियों से गुजर रही है। शिक्षा का निजीकरण लगातार बढ़ रहा है,वहीं पेपर लीक जैसी घटनाएं मेहनतकश और प्रतिभाशाली युवाओं के भविष्य पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा प्रत्येक नागरिक का बुनियादी अधिकार है और इसे केवल आर्थिक रूप से सक्षम वर्ग तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने छात्र राजनीति की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि छात्र संगठनों का उद्देश्य केवल चुनाव लड़ना अथवा पद प्राप्त करना नहीं होना चाहिए,बल्कि उन्हें शिक्षा,रोजगार,सामाजिक समानता,महिला अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों से जुड़े सवालों को मजबूती से उठाना चाहिए। विश्वविद्यालय और महाविद्यालय केवल डिग्री हासिल करने के केंद्र नहीं,बल्कि विचारों के आदान-प्रदान,सामाजिक चेतना और लोकतांत्रिक समझ विकसित करने के महत्वपूर्ण मंच भी हैं। कॉमरेड मैखुरी ने कहा कि छात्र समुदाय समाज का जागरूक और ऊर्जावान वर्ग है। ऐसे में छात्रों की जिम्मेदारी है कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रहें और शिक्षा व्यवस्था में मौजूद विसंगतियों के खिलाफ संगठित होकर आवाज उठाएं। उन्होंने छात्र आंदोलनों को सामाजिक बदलाव की महत्वपूर्ण ताकत बताते हुए संगठनात्मक एकजुटता पर बल दिया। सर्वसम्मति से गठित हुई नई नगर कार्यकारिणी सम्मेलन के दौरान संगठन की आगामी गतिविधियों को गति देने और छात्र हितों की लड़ाई को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से नई नगर कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें प्रीति वर्मा को नगर अध्यक्ष तथा प्रिंस वर्मा को नगर सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई। इसके अलावा जिया और हार्दिक को नगर उपाध्यक्ष चुना गया। वहीं तनिष्क,सतीश,हर्षिकांत,आयशा एवं लक्ष्मीपति बालाजी को सह-सचिव की जिम्मेदारी दी गई। आकाश मयंक को मीडिया समन्वयक बनाया गया। सम्मेलन में कुल 15 सदस्यीय नगर कार्यकारिणी का गठन किया गया। नवनिर्वाचित कार्यकारिणी ने संगठन की जिम्मेदारी मिलने पर छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाने का संकल्प व्यक्त किया। नई टीम ने कहा कि छात्रवृत्ति,रोजगार के अवसर,शिक्षा की सुलभता,महिला सुरक्षा,पेपर लीक पर प्रभावी रोक तथा विश्वविद्यालय परिसरों में लोकतांत्रिक वातावरण की स्थापना के लिए निरंतर संघर्ष किया जाएगा। सम्मेलन में इस बात पर भी जोर दिया गया कि छात्र-छात्राओं की वास्तविक समस्याओं को संगठित मंच प्रदान करना समय की आवश्यकता है। शिक्षा के अधिकार और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों पर व्यापक छात्र एकजुटता कायम कर ही सकारात्मक बदलाव की दिशा में आगे बढ़ा जा सकता है। श्रीनगर इकाई का यह सम्मेलन नई कार्यकारिणी के गठन के साथ छात्र राजनीति में संगठनात्मक सक्रियता को आगे बढ़ाने और छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को मुखरता से उठाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।