



हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। केंद्रीयकृत प्रशिक्षण केंद्र सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) श्रीनगर गढ़वाल में 20 दिसंबर 2025 को बल का 62 वां स्थापना दिवस एवं उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस अत्यंत हर्षोल्लास,गरिमा और राष्ट्रीय गौरव के साथ मनाया गया। वर्ष 1963 में स्थापित सशस्त्र सीमा बल आज देश की सीमाओं की सुरक्षा,आंतरिक सुरक्षा एवं राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए अनुशासन,साहस और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल बना हुआ है। यह समारोह एसएसबी की गौरवशाली परंपरा और राष्ट्रसेवा के अटूट संकल्प का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा। स्थापना दिवस समारोह का शुभारंभ एसएसबी बैंड द्वारा प्रस्तुत ॐ जय जगदीश हरे की मधुर एवं अनुशासित धुन के साथ किया गया। बैंड की स्वर लहरियों ने पूरे परिसर को भक्ति,शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत कर दिया। इसके उपरांत एसएसबी बैंड द्वारा प्रस्तुत देश की विविध सांस्कृतिक विरासत को समर्पित धुनों ने कार्यक्रम को नई ऊंचाइयां प्रदान कीं कश्मीर की डोगरिय संस्कृति पर आधारित डोगरी गीत की धुन,उत्तराखंड की लोकआत्मा को दर्शाता गढ़वाली लोकगीत बेडू पाको बारो मासों,सदाबहार फिल्मी धुन पल-पल दिल के पास तुम रहती हो,तथा भावनात्मक गीत चलते-चलते ही ये गीत याद रखना। इन प्रस्तुतियों ने एक भारत-श्रेष्ठ भारत की भावना को सजीव रूप प्रदान करते हुए श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। स्थापना दिवस के अवसर पर केंद्र परिसर में विविध खेलकूद प्रतियोगिताओं,जूडो प्रदर्शन तथा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। जवानों,प्रशिक्षुओं एवं बल परिवार के सदस्यों द्वारा प्रस्तुत अनुशासित,ऊर्जावान और सशक्त प्रस्तुतियां दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में दिखा जोश-गायन प्रतियोगिता में उप निरीक्षक (प्रत्यक्ष नियुक्ति) दीपशिखा झा,उप निरीक्षक (प्रत्यक्ष नियुक्ति) मोहित मिश्रा,सहायक उप निरीक्षक (सामान्य ड्यूटी) ओमेन सिंह ने अपनी मधुर आवाज और प्रभावी प्रस्तुति से सभी की प्रशंसा अर्जित की। संगीत कुर्सी प्रतियोगिता में निशा देवी,उप निरीक्षक (प्रत्यक्ष नियुक्ति) मनीषा,उप निरीक्षक (प्रत्यक्ष नियुक्ति) संगीता ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर वातावरण को आनंदमय बना दिया। वहीं ग्लास पिरामिड खेल में श्वेता,सुजाता,स्वाति एवं पारुल गुप्ता ने अपनी सूझबूझ और कौशल का शानदार प्रदर्शन किया। स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुरस्कार वितरण समारोह में उनके अनुशासन,परिश्रम और खेल भावना की भूरि-भूरि प्रशंसा की गई,जिससे जवानों एवं प्रतिभागियों का उत्साह और मनोबल और अधिक बढ़ा। बाल प्रतिभाओं को मिला प्रोत्साहन-चित्रकला एवं निबंध लेखन प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बल परिवार के निम्नलिखित छह बच्चों को पुरस्कृत किए जाने का प्रस्ताव रखा गया आरुषि साहू पुत्री हवलदार (सामान्य ड्यूटी) निर्मल साहू,ओशिका सोलस पुत्री सहायक उप निरीक्षक (सामान्य ड्यूटी) सोलस मिलिंद,दीक्षा उपाध्याय पुत्री सहायक उप निरीक्षक (सामान्य ड्यूटी) मोहन उपाध्याय,इशिका सिंह पुत्री कांस्टेबल (सामान्य ड्यूटी) विनय,दीक्षा पुत्री कांस्टेबल (सामान्य ड्यूटी) अखिलेश,मोनिका सोलस पुत्री सहायक उप निरीक्षक (सामान्य ड्यूटी) सोलस मिलिंद। यह पहल बल परिवार के बच्चों में रचनात्मकता,आत्मविश्वास और राष्ट्रप्रेम के संस्कार विकसित करने की दिशा में अत्यंत सराहनीय रही। समारोह की गरिमा मुख्य अतिथि सुभाष चंद नेगी उप महानिरीक्षक की गरिमामयी उपस्थिति से और अधिक बढ़ गई। अपने प्रेरणादायी संबोधन में उन्होंने एसएसबी के जवानों के अदम्य साहस,अनुशासन और सीमाओं की सुरक्षा में दिए जा रहे अमूल्य योगदान की सराहना करते हुए सभी अधिकारियों,जवानों एवं उनके परिवारजनों को 62 वें स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। समारोह के समापन अवसर पर सामूहिक भोज (बड़े खाने) का आयोजन किया गया,जिसमें अधिकारियों,जवानों,भूतपूर्व सैनिकों एवं उनके परिवारजनों ने एक साथ सहभागिता की। इस आयोजन ने आपसी सौहार्द,एकता और पारिवारिक भावना को और अधिक मजबूत किया। कार्यक्रम में स्थानीय मीडिया प्रतिनिधियों,भूतपूर्व सैनिकों,सेवारत जवानों एवं उनके परिजनों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। समारोह का समापन देशभक्ति,राष्ट्रीय एकता और राष्ट्र सेवा के संकल्प के साथ किया गया। 1963 में स्थापित सशस्त्र सीमा बल के 62 वें स्थापना दिवस का यह आयोजन सभी उपस्थितजनों के लिए प्रेरणादायी,गौरवपूर्ण और अविस्मरणीय बनकर स्मृतियों में सदैव अंकित रहेगा।