श्रीनगर को माॅडल नगर बनाने की दिशा में बड़ा कदम-मेयर आरती भण्डारी ने वित्त आयोग से मांगा विशेष अनुदान

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। गढ़वाल की सांस्कृतिक और शैक्षणिक नगरी श्रीनगर को एक आदर्श मॉडल नगर निगम के रूप में विकसित करने की दिशा में अब ठोस पहल शुरू हो गई

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। गढ़वाल की सांस्कृतिक और शैक्षणिक नगरी श्रीनगर को एक आदर्श मॉडल नगर निगम के रूप में विकसित करने की दिशा में अब ठोस पहल शुरू हो गई है। इसी कड़ी में नगर निगम श्रीनगर की मेयर आरती भण्डारी ने छठवें राज्य वित्त आयोग से विशेष अनुदान और अतिरिक्त बजट की मांग उठाते हुए शहर के समग्र विकास का खाका प्रस्तुत किया। गढ़वाल मंडल विकास निगम परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान छठवें राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष आर.एन.रविशंकर,सदस्य पी.एस.जंगपांगी एवं एम.सी.जोशी के श्रीनगर आगमन पर नगर निगम द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान आयोग के प्रतिनिधिमंडल ने नगर निगम द्वारा विकसित रजत जयंती पार्क (वेस्ट टू वंडर पार्क) का स्थलीय निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान आयोग के अध्यक्ष व सदस्यों ने नगर निगम की सराहना करते हुए कहा कि जहां कभी कूड़े का ढेर हुआ करता था,आज वहीं एक आकर्षक और जनोपयोगी पार्क खड़ा है यह न केवल स्वच्छता,बल्कि दूरदर्शी सोच और विकास का सशक्त उदाहरण है। मेयर आरती भण्डारी ने आयोग को सौंपे अपने विस्तृत पत्र में बताया कि वर्ष 2021 में नगर पालिका से नगर निगम बनने के बाद श्रीनगर का क्षेत्रफल बढ़कर 25 वर्ग किलोमीटर से अधिक हो गया है। वहीं जनसंख्या भी तेजी से बढ़कर लगभग 1.25 लाख तक पहुंच चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि श्रीनगर चारधाम यात्रा का प्रमुख पड़ाव है यहां विश्वविद्यालय,मेडिकल कॉलेज,एनआईटी जैसे बड़े संस्थान मौजूद हैं। प्रतिदिन हजारों लोगों का आवागमन शहर की व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव बनाता है। मेयर ने बताया कि बढ़ती आवश्यकताओं के चलते नगर निगम पर वित्तीय भार लगातार बढ़ रहा है। स्ट्रीट लाइट,सफाई,यातायात और पार्किंग जैसी सुविधाओं पर भारी खर्च,बिजली का मासिक व्यय 5-6 लाख से बढ़कर 12-15 लाख रुपये तक पहुंचा,नए क्षेत्रों में 10 वर्षों तक राजस्व वसूली न होने से आर्थिक संकट गहराया। शहर में मल्टी लेवल पार्किंग का अभाव जाम की समस्या को और गंभीर बना रहा है। मेयर ने इसे प्राथमिकता में रखते हुए जल्द समाधान के लिए विशेष बजट की आवश्यकता बताई। मेयर आरती भण्डारी ने आयोग से मांग की कि शहर में सिटी बस सेवा शुरू की जाए,नगर निगम में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए,बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए अतिरिक्त अनुदान दिया जाए। मेयर ने विश्वास जताया कि यदि आयोग द्वारा सकारात्मक निर्णय लिया जाता है,तो श्रीनगर को स्वच्छ,सुंदर और सुव्यवस्थित मॉडल नगर के रूप में विकसित करने की दिशा में तेजी आएगी। उन्होंने कहा हमारा लक्ष्य है कि श्रीनगर न सिर्फ गढ़वाल बल्कि पूरे पहाड़ी क्षेत्र के लिए एक आदर्श नगर निगम बनकर उभरे। श्रीनगर में जिस तरह से सीमित संसाधनों के बावजूद वेस्ट टू वंडर पार्क जैसी पहलें सामने आई हैं,वह नगर निगम की कार्यशैली और विज़न को दर्शाती हैं। अब निगाहें छठवें वित्त आयोग के फैसले पर टिकी हैं-क्योंकि यही निर्णय तय करेगा कि श्रीनगर कितनी तेजी से मॉडल हिल सिटी बनने की राह पर आगे बढ़ता है।

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