
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। जनता की छोटी-बड़ी समस्याओं को सुनना ही नहीं,बल्कि उनका समयबद्ध और स्थायी समाधान करना प्रशासन की प्राथमिकता है-इसका स्पष्ट उदाहरण मंगलवार को श्रीनगर तहसील में आयोजित तहसील दिवस के दौरान देखने को मिला। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने स्वयं आमजन की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों को मौके पर ही आवश्यक निर्देश जारी किए। तहसील दिवस में पेयजल,सड़क,स्वच्छता,अतिक्रमण,सीवर,पार्किंग,सुरक्षा एवं जनसुविधाओं से जुड़ी अनेक शिकायतें प्राप्त हुईं,जिन पर विभागीय अधिकारियों द्वारा तत्परता से कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। जिलाधिकारी ने सेमला गांव में पेयजल संकट की शिकायत पर जल निगम को स्थलीय निरीक्षण कर तकनीकी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं नकोट गांव में जल भंडारण टैंक की क्षमता बढ़ाने हेतु प्रस्ताव तैयार करने के आदेश दिए गए। देहलचौरी रोड पर क्षतिग्रस्त पुश्तों एवं स्कपर से संबंधित शिकायत पर लोक निर्माण विभाग को मरम्मत एवं सुधार कार्य शीघ्र प्रारंभ करने को कहा गया। श्रीनगर क्षेत्र में खुले में कूड़ा फेंके जाने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने नगर निगम को सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से निगरानी बढ़ाने तथा दोषियों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि आवश्यकता वाले स्थानों पर अतिरिक्त कैमरे लगाए जा रहे हैं तथा पार्षदों के सहयोग से नागरिकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। सीवर लाइन का पानी सड़कों पर बहने की समस्या पर नगर निगम द्वारा सुधारात्मक कार्य शुरू करने तथा निर्माण सामग्री व मलबा सड़कों पर रखने पर पुलिस द्वारा नियमित निगरानी और कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए। धारी देवी पहुंच मार्ग से जुड़ी सुरक्षा संबंधी शिकायतों पर जिलाधिकारी ने बताया कि संयुक्त निरीक्षण किया जा रहा है और आवश्यक सुरक्षात्मक कार्य शीघ्र प्रारंभ होंगे। क्षेत्र में जाम की समस्या के समाधान के लिए पार्किंग व्यवस्था को सुव्यवस्थित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि धारी देवी क्षेत्र में स्थायी पार्किंग का निर्माण मुख्यमंत्री घोषणा में शामिल है,साथ ही सौंदर्यीकरण कार्यों के अंतर्गत विद्युत व्यवस्था,प्रकाश व्यवस्था एवं मार्ग संकेतकों से जुड़े कार्य प्रगति पर हैं। सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत पर उपजिलाधिकारी को मौके पर जांच करने के निर्देश दिए गए। रेलवे कार्यों से क्षतिग्रस्त भवनों में जल बिल आने की शिकायत पर जल संस्थान को परीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया। नालियों के भूमिगत निर्माण से संबंधित मामलों में राष्ट्रीय राजमार्ग एवं नगर निगम के संयुक्त निरीक्षण के निर्देश भी दिए गए। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने स्पष्ट किया कि तहसील दिवस में प्राप्त प्रत्येक शिकायत पर स्थलीय निरीक्षण के माध्यम से कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है,ताकि समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके। साथ ही निस्तारण की प्रगति से आवेदकों को समयबद्ध रूप से अवगत कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि आमजन की छोटी-छोटी आवश्यकताओं को जिला योजना में सम्मिलित कर कार्यों को समय पर पूर्ण किया जाएगा। अपर जिलाधिकारी अनिल सिंह गर्ब्याल ने बताया कि तहसील दिवस में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जा रहा है। अधिकांश मामलों का समाधान मौके पर ही कर दिया गया है,जबकि शेष पर संबंधित विभागों द्वारा कार्रवाई जारी है और नियमित समीक्षा की जा रही है। इस अवसर पर डीएफओ गढ़वाल महातिम यादव,पीडी डीआरडीए विवेक कुमार उपाध्याय,उपजिलाधिकारी नूपुर वर्मा,मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ.विशाल शर्मा,अधिशासी अभियंता राष्ट्रीय राजमार्ग राजीव चौहान,जिला बाल विकास अधिकारी देवेंद्र थपलियाल,जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित सिंह,अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई मुकेश दत्त,जिला शिक्षा अधिकारी रणजीत सिंह नेगी,सहायक निबंधक सहकारिता सौरभ कुमार,एडीपीआरओ प्रदीप सुंदरियाल सहित अन्य अधिकारी,जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। तहसील दिवस में टीचर्स कॉलोनी घसियामहादेव निवासी वासुदेव कंडारी ने रेलवे भूस्खलन से क्षतिग्रस्त एवं खाली पड़े मकानों में जल बिल आने की शिकायत दर्ज कराई। इस पर जिलाधिकारी ने जल संस्थान के अधिकारियों को मौके पर जाकर समस्या का समाधान करने के निर्देश देते हुए कहा कि जब मकानों में कोई निवास नहीं कर रहा है,तो पानी के बिल का कोई औचित्य नहीं है।