
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। शहर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और इससे उत्पन्न हो रही समस्याओं के समाधान की दिशा में नगर निगम श्रीनगर गढ़वाल ने एक महत्वपूर्ण और मानवीय कदम उठाया है। एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) कार्यक्रम के तहत आज से शहर में आवारा कुत्तों को पकड़ने का विशेष अभियान शुरू कर दिया गया है। नगर निगम के मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक शशि पंवार ने जानकारी देते हुए बताया कि अभियान के अंतर्गत पकड़े गए कुत्तों को एबीसी सेंटर ले जाया जाएगा,जहां विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की देखरेख में उनका बंध्याकरण (स्टेरलाइजेशन) किया जाएगा। उपचार एवं स्वास्थ्य लाभ के पश्चात,पशु कल्याण नियमों के अनुरूप कुत्तों को उसी स्थान पर पुनः छोड़ा जाएगा,जहां से उन्हें पकड़ा गया था। मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक ने बताया कि एबीसी सेंटर नवनिर्मित गौशाला के समीप स्थित है,जिसका कल ही विधिवत लोकार्पण किया गया। इस सेंटर में एक साथ 50 से अधिक कुत्तों के उपचार और देखभाल की क्षमता उपलब्ध है। फिलहाल नगर निगम द्वारा आउटसोर्स माध्यम से एक विशेषज्ञ पशु चिकित्सक एवं उनकी टीम को अस्थायी रूप से नियुक्त किया गया है। यह अभियान 15 दिन से लेकर एक माह तक निरंतर चलाया जाएगा। शशि पंवार ने शहरवासियों से अपील की कि वे नगर निगम के इस अभियान में सहयोग और संयम बनाए रखें,क्योंकि यह पहल कुत्तों और आम नागरिकों दोनों के हित में है। उन्होंने यह भी अनुरोध किया कि कोई भी नागरिक पालतू या आवारा कुत्तों को खुले में न छोड़े,ताकि अभियान को सफल बनाया जा सके। इस संबंध में महापौर आरती भण्डारी ने कहा कि नगर निगम शहर को सुरक्षित,स्वच्छ और संतुलित वातावरण प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। महापौर ने कहा एबीसी अभियान आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करने का एक मानवीय और वैज्ञानिक तरीका है। इससे न केवल पशुओं की सुरक्षा सुनिश्चित होगी,बल्कि आम नागरिकों को भी राहत मिलेगी। हम चाहते हैं कि शहरवासी इस अभियान को समझें और नगर निगम का पूरा सहयोग करें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह अभियान पशु कल्याण से जुड़े सभी नियमों और दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करते हुए चलाया जा रहा है,ताकि किसी भी प्रकार की क्रूरता न हो और पशुओं की सुरक्षा सर्वोपरि बनी रहे। नगर निगम की इस पहल को शहर की स्वच्छता,सुरक्षा और संतुलित शहरी जीवन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।