
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर नगर निगम क्षेत्र में इन दिनों आवारा पशुओं का आतंक आमजन के लिए गंभीर समस्या बनता जा रहा है। लाखों रुपये खर्च कर गौशालाओं के निर्माण और संचालन के दावों के बावजूद शहर की सड़कों पर पशुओं का खुलेआम विचरण प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहा है। ऐतिहासिक गोला बाजार,गणेश बाजार,अपर बाजार,वीर चंद्र सिंह गढ़वाली मार्ग,गुरुद्वारा रोड,नर्सरी रोड,नेशनल हाईवे और डाक बंगला जैसे प्रमुख क्षेत्रों में आवारा पशु न केवल यातायात में बाधा बन रहे हैं,बल्कि आए दिन इनके बीच होने वाली लड़ाइयों से बाजारों में अफरा-तफरी का माहौल बन रहा है। कई बार स्थिति इतनी भयावह हो जाती है कि लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने को मजबूर हो जाते हैं। स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों का कहना है कि सुबह से लेकर देर शाम तक सड़कों पर घूमते इन पशुओं के कारण ग्राहकों की आवाजाही भी प्रभावित हो रही है। खासकर बुजुर्गों,महिलाओं और छोटे बच्चों में भय का माहौल बना हुआ है। स्कूल जाने वाले बच्चे और बाजार आने वाली महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब नगर निगम द्वारा गौशालाओं के निर्माण और रखरखाव पर लाखों रुपये खर्च किए जा चुके हैं,तो आखिर इन आवारा पशुओं को वहां क्यों नहीं रखा जा रहा क्या गौशालाओं में स्थान की कमी है या फिर प्रबंधन की लापरवाही इस समस्या को बढ़ा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस गंभीर समस्या का शीघ्र समाधान किया जाए। नियमित रूप से पशुओं को पकड़कर गौशालाओं में शिफ्ट किया जाए और शहर को इस भयावह स्थिति से निजात दिलाई जाए। यदि समय रहते इस समस्या पर ध्यान नहीं दिया गया तो यह न केवल आमजन की सुरक्षा के लिए खतरा बनी रहेगी,बल्कि किसी बड़े हादसे का कारण भी बन सकती है। सवाल बरकरार: आखिर कब जागेगा प्रशासन और कब मिलेगी श्रीनगरवासियों को इस समस्या से राहत।