हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। सत्ता के गलियारों से निकलकर जब कोई मुख्यमंत्री आम लोगों के बीच पहुंचता है,स्थानीय दुकान पर बैठकर चाय की चुस्की लेता है और महिलाओं के साथ आत्मीय संवाद करता है,तो यह दृश्य सहज जनसंपर्क के साथ स्थानीय कारोबार और स्वरोजगार के महत्व को भी सामने लाता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को श्रीनगर और कीर्तिनगर क्षेत्र में अपने अनौपचारिक प्रवास के दौरान कुछ ऐसा ही दृश्य प्रस्तुत किया। श्रीनगर चुंगी स्थित स्थानीय चाय की दुकान पर रुककर उन्होंने आम नागरिकों से बातचीत की,जबकि कीर्तिनगर पुल के समीप स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से संवाद कर उनके उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। मुख्यमंत्री की इन सहज गतिविधियों के दौरान स्थानीय कारोबारियों,महिलाओं और आम नागरिकों के साथ आत्मीयता देखने को मिली। उन्होंने आगामी करवाचौथ और दीपावली के पर्व की शुभकामनाएं देते हुए स्थानीय उत्पादों, छोटे कारोबारियों और महिला समूहों को प्रोत्साहित करने का संदेश भी दिया। जीवीके हेलीपैड पहुंचने पर जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया,मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी,नगर निगम महापौर आरती भण्डारी सहित अन्य अधिकारियों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। इसके बाद मुख्यमंत्री सड़क मार्ग से देहरादून के लिए रवाना हुए। इसी दौरान श्रीनगर चुंगी के समीप मुख्यमंत्री मंगल सिंह जी की चाय की दुकान पर पहुंचे। उन्होंने दुकान पर मौजूद स्थानीय लोगों के साथ चाय पी और दुकानदार सहित आसपास उपस्थित नागरिकों से आत्मीय बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बच्चियों,नागरिकों और अधिकारियों को अपने हाथों से चाय भी परोसी। मुख्यमंत्री को इस तरह स्थानीय दुकान पर सहज रूप में देखकर आसपास मौजूद लोगों और दुकानदारों में उत्साह नजर आया। आम लोगों के बीच कुछ समय बिताकर मुख्यमंत्री ने स्थानीय कारोबारियों के साथ संवाद का अवसर बनाया। यह पहल छोटे दुकानदारों और स्थानीय बाजार की अहमियत को रेखांकित करती दिखाई दी। श्रीनगर से आगे कीर्तिनगर पुल के समीप मुख्यमंत्री ने रुककर स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के साथ बातचीत की। संवाद के दौरान उन्होंने महिलाओं द्वारा तैयार किए जा रहे उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने इस बात को महत्वपूर्ण बताया कि स्थानीय स्तर पर तैयार होने वाले उत्पादों को व्यापक बाजार मिले,जिससे महिलाओं की आय बढ़ाने और स्वरोजगार के अवसरों को मजबूत करने में सहायता मिल सके। स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। स्थानीय उत्पादों की पहचान,उनकी गुणवत्ता,उचित विपणन और बाजार तक पहुंच सुनिश्चित होने से महिला समूहों को आर्थिक रूप से अधिक सक्षम बनाने की संभावनाएं बढ़ती हैं। मुख्यमंत्री का महिलाओं से संवाद इसी दिशा में स्थानीय उद्यमिता और उत्पादों को प्रोत्साहन देने के संदेश के रूप में सामने आया। संवाद के दौरान महिलाओं ने महिला सशक्तीकरण की दिशा में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। महिलाओं ने करवाचौथ पर अवकाश घोषित किए जाने को लेकर मुख्यमंत्री का आभार भी व्यक्त किया। मुख्यमंत्री ने महिलाओं को करवाचौथ और दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए त्योहारों की खुशियां साझा की। मुख्यमंत्री का स्थानीय चाय की दुकान पर रुकना और स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से बातचीत करना स्थानीय अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित करने की दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा। छोटे दुकानदारों से संवाद और स्थानीय उत्पादों के बेहतर विपणन पर जोर देने से यह संदेश उभरकर सामने आया कि स्थानीय कारोबार,पारंपरिक उत्पादों और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना क्षेत्रीय विकास का महत्वपूर्ण हिस्सा है। पहाड़ी क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने,स्थानीय उत्पादों को पहचान दिलाने और महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए बाजार तक पहुंच बेहद अहम है। ऐसे में स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों की बिक्री और प्रचार-प्रसार को प्रोत्साहन मिलने से ग्रामीण आजीविका को लाभ पहुंच सकता है। इस दौरान स्थानीय नेता लखपत भंडारी ने मुख्यमंत्री की सहजता पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने ऐसा जमीन से जुड़ा मुख्यमंत्री नहीं देखा। मुख्यमंत्री के अनौपचारिक संवाद को लेकर स्थानीय स्तर पर उत्साह भी देखने को मिला। इस अवसर पर महानिदेशक सूचना बंशीधर तिवारी,एसडीएम नूपुर वर्मा,हिन्दू सम्राट लखपत सिंह भण्डारी सहित अन्य अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।