श्रीनगर में चार नवम्बर से सजेगा आस्था और उत्सव का संगम-मेयर आरती भण्डारी ने बैकुंठ चतुर्दशी मेले की तैयारियों का लिया जायजा

हिमालय टाइम्सगबर सिंह भंडारी श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर गढ़वाल का ऐतिहासिक बैकुंठ चतुर्दशी मेला इस बार और भी भव्य रूप में आयोजित किया जाएगा। चार नवंबर से आरंभ होकर तेरह नवंबर तक चलने वाले इस

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गबर सिंह भंडारी

श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर गढ़वाल का ऐतिहासिक बैकुंठ चतुर्दशी मेला इस बार और भी भव्य रूप में आयोजित किया जाएगा। चार नवंबर से आरंभ होकर तेरह नवंबर तक चलने वाले इस पावन मेले की तैयारियों का जायजा लेने नगर निगम श्रीनगर की मेयर आरती भंडारी ने मेला स्थल और आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मेयर भंडारी ने निगम अधिकारियों को स्वच्छता,प्रकाश व्यवस्था,पेयजल आपूर्ति,यातायात प्रबंधन और सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह मेला श्रीनगर की धार्मिक,सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान का प्रतीक है,इसलिए इसकी भव्यता में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। मेयर ने इस अवसर पर एनआईटी मैदान का भी निरीक्षण किया,जहां इस बार विद्यालयी खेल-कूद प्रतियोगिताओं के साथ-साथ साहसिक खेलों का आयोजन किया जाएगा। साहसिक खेलों में युवाओं के लिए विशेष आकर्षण के रूप में हॉट एयर बैलून राइड की भी व्यवस्था की जा रही है,जिससे प्रतिभागी और पर्यटक श्रीनगर की सुंदरता को आकाश से निहार सकेंगे। आरती भण्डारी ने कहा कि बैकुंठ चतुर्दशी मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं,बल्कि यह गढ़वाल की संस्कृति,लोककला और जनसहभागिता का उत्सव है। नगर निगम का प्रयास है कि इस बार आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक एक नया,मनमोहक अनुभव लेकर जाएं। इस दौरान निगम के अधिकारी,मेला समिति के सदस्य,स्थानीय व्यापारी,विद्यालयों के प्रतिनिधि और स्वयंसेवी संस्थाएं भी उपस्थित रहीं। सभी ने मिलकर मेला परिसर की व्यवस्था को चाक-चौबंद बनाने का संकल्प लिया। गौरतलब है कि बैकुंठ चतुर्दशी मेला हर वर्ष श्रीनगर के पवित्र कमलेश्वर मंदिर से प्रारंभ होता है,जहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और दीपदान के लिए आते हैं। इस बार आयोजन समिति द्वारा सांस्कृतिक संध्याओं,लोकनृत्य,वाद्ययंत्र प्रदर्शन और हस्तशिल्प प्रदर्शनी जैसी गतिविधियों को भी मेले में शामिल किया गया है। मेयर आरती भण्डारी ने जनता से अपील की कि वे मेले में अधिक से अधिक सहभागिता करें और स्वच्छता व अनुशासन बनाए रखते हुए इसे सफल बनाने में अपना योगदान दें।

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