श्रीनगर में रेलवे टर्नल से क्षतिग्रस्त मकानों के प्रभावित परिवारों की ओर से बासुदेव कंडारी ने जिलाधिकारी पौड़ी को सौंपा ज्ञापन

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर गढ़वाल के घसिया महादेव क्षेत्र स्थित टीचर्स कॉलोनी में रेलवे टर्नल कार्य के चलते स्थानीय निवासियों के मकान और भूमि गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुके

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर गढ़वाल के घसिया महादेव क्षेत्र स्थित टीचर्स कॉलोनी में रेलवे टर्नल कार्य के चलते स्थानीय निवासियों के मकान और भूमि गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। मकानों में दरारें इतनी बड़ी हो गई हैं कि उनमें रहना भी अब असुरक्षित होता जा रहा है। इस समस्या से परेशान प्रभावित परिवारों ने शुक्रवार को प्रांतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष बासुदेव कंडारी के नेतृत्व में जिलाधिकारी पौड़ी को ज्ञापन सौंपकर न्याय और मुआवजे की गुहार लगाई। रेलवे टर्नल के निर्माण कार्य से धरती के भीतर लगातार विस्फोट और भारी मशीनों की आवाजाही से घसिया महादेव टीचर्स कॉलोनी में स्थित भवनों को व्यापक नुकसान पहुंचा है। बीते 1 सितम्बर से अब तक यहां कई मकानों में गहरी दरारें पड़ चुकी हैं। खासकर 4 भवन तो पूरी तरह से असुरक्षित घोषित किए जा चुके हैं। स्थानीय लोग अब अपने ही घरों में खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। प्रभावित परिवारों की पीड़ा इस आपदा से जिन परिवारों का आशियाना उजड़ने की कगार पर है उनमें शकुंतला देवी,सुधा देवी,सरोजनी गुसाई,नीरज नैथानी,बासुदेव कंडारी,अरुण रावत,राकेश नैथानी,प्रकाश मैखुरी और विकास सिंह शामिल हैं। ये सभी परिवार आज बेघर होने की स्थिति में हैं और मुआवजे के बिना असहाय महसूस कर रहे हैं। ज्ञापन में मांग की गई है कि रेलवे विभाग और प्रशासन जल्द से जल्द प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा उपलब्ध कराए। साथ ही उन्हें बाजार दर के अनुरूप पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिला अध्यक्ष बासुदेव कंडारी ने कहा कि रेलवे की लापरवाही से आम जनता के जीवन पर संकट मंडरा रहा है। यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो व्यापार मंडल आंदोलन करने को मजबूर होगा। प्रशासन से अपेक्षा ज्ञापन की प्रतिलिपि रेल मंत्री भारत सरकार,मुख्यमंत्री उत्तराखंड,सांसद गढ़वाल,विधायक श्रीनगर और एडीआरएम,बीएफएन,एलएस ऋषिकेश को भी भेजी गई है। प्रभावित परिवारों का कहना है कि उन्हें न्याय मिलने तक उनकी आवाज़ उठती रहेगी। घसिया महादेव टीचर्स कॉलोनी की पीड़ा आज केवल नौ परिवारों की नहीं,बल्कि श्रीनगर गढ़वाल की व्यवस्था और संवेदनशीलता की भी परीक्षा है। अब देखना यह है कि प्रशासन इन टूटे सपनों को फिर से संवारने के लिए कितनी तत्परता दिखाता है।

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