
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। देवभूमि की सांस्कृतिक नगरी में जब-जब समाज को आध्यात्मिक ऊर्जा,सांस्कृतिक चेतना और नैतिक संस्कारों की आवश्यकता होती है,तब-तब भगवान श्रीराम का नाम प्रकाशपुंज बनकर मानव जीवन को दिशा देता है। श्रीराम का स्मरण केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि सत्य,मर्यादा,करुणा और सामाजिक समरसता का शाश्वत संदेश है। इसी पावन भावना के साथ श्रीयंत्र भजन मंडली के तत्वावधान में मुनीद्र महाराज ज्ञानी के सान्निध्य में तिवारी मोहल्ला स्थित श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में अखंड रामायण पाठ,कीर्तन-भजन,यज्ञ एवं भंडारे का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह दिव्य आयोजन 13 जनवरी को प्रातः 9 बजे विधिवत पूजन एवं अखंड रामायण पाठ के शुभारंभ के साथ आरंभ होगा,जो निरंतर 14 जनवरी को दोपहर 1 बजे तक संपन्न होगा। इस दौरान संपूर्ण क्षेत्र श्रीराम नाम,भक्ति-भाव,कीर्तन-भजन और आध्यात्मिक चेतना से सराबोर रहेगा। समापन अवसर पर हवन-यज्ञ एवं विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा,जिसमें श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित करेंगे। साथ ही 13 जनवरी की सायंकाल मंदिर परिसर में भोजन प्रसादी की विशेष व्यवस्था भी की गई है। उल्लेखनीय है कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी मकर संक्रांति के पावन अवसर पर श्री लक्ष्मी नारायण मंदिर में अखंड रामायण पाठ,कीर्तन-भजन एवं भंडारे का आयोजन परंपरागत रूप से किया जा रहा है। वर्षों से चली आ रही यह धार्मिक परंपरा न केवल श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रही है,बल्कि क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना और सामाजिक एकता को भी सुदृढ़ करती आई है। मुनीद्र महाराज ज्ञानी आध्यात्मिक,सांस्कृतिक एवं सामाजिक गतिविधियों में सदैव सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। वे समाज को धर्म,संस्कार और सेवा से जोड़ने वाले प्रेरणादायी व्यक्तित्व के रूप में जाने जाते हैं। धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ सामाजिक समरसता,सहयोग और सेवा कार्यों में भी उनका योगदान अनुकरणीय रहा है। विशेष रूप से यह भी उल्लेखनीय है कि वे मां भगवती हरियाली देवी के अनन्य उपासक हैं। देवी के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा और आस्था उनके जीवन और कार्यों में स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है। उनके सान्निध्य में आयोजित धार्मिक अनुष्ठानों में श्रद्धालुओं की सहभागिता स्वतः बढ़ जाती है और वातावरण भक्तिमय ऊर्जा से ओतप्रोत हो उठता है। आयोजकों का कहना है कि अखंड रामायण पाठ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं,बल्कि सामाजिक एकता,आपसी सौहार्द और सांस्कृतिक चेतना को सुदृढ़ करने का प्रभावी माध्यम है। ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और युवा पीढ़ी को अपनी सनातन परंपराओं,धार्मिक मूल्यों और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ने की प्रेरणा मिलती है। श्रीयंत्र भजन मंडली एवं मंदिर समिति द्वारा समस्त क्षेत्रवासियों,रामभक्तों एवं धर्मप्रेमी नागरिकों से इस पावन आयोजन में सपरिवार उपस्थित होकर तन-मन-धन से सहयोग करने तथा भगवान श्रीराम की कृपा प्राप्त करने की अपील की गई है। भगवान श्रीराम एवं मां भगवती हरियाली देवी की कृपा से यह आयोजन सर्वमंगलकारी सिद्ध हो तथा समाज में शांति,सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का व्यापक विस्तार हो-यही मंगलकामना है।