संत निरंकारी मिशन द्वारा विशाल रक्तदान शिविर संपन्न,82 यूनिट रक्त एकत्रित

हिमालय टाइम्सगबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर में रविवार 13 सितम्बर 2025 को संत निरंकारी मिशन ब्रांच श्रीनगर गढ़वाल द्वारा सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज की पावन प्रेरणा से संत निरंकारी मिशन सामाजिक शाखा संत

📘 इन्हें भी पढ़ें

हिमालय टाइम्स
गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर में रविवार 13 सितम्बर 2025 को संत निरंकारी मिशन ब्रांच श्रीनगर गढ़वाल द्वारा सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज की पावन प्रेरणा से संत निरंकारी मिशन सामाजिक शाखा संत निरंकारी मिशन चैरिटेबल फाउंडेशन के तत्वावधान में एक भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर मानवता की सेवा और समाज में सहयोग की भावना को सुदृढ़ करने हेतु समर्पित रहा। शिविर का शुभारंभ श्रीनगर नगर निगम की महापौर आरती भण्डारी और जोनल इंचार्ज हरभजन सिंह ने रिबन काटकर किया। इस अवसर पर उपस्थित संत समाज ने सेवाधार्मिक माहौल में एकजुट होकर रक्तदान के पवित्र कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लिया। रक्तदान शिविर में कुल 82 यूनिट रक्त एकत्र किया गया,जिसमें युवाओं से लेकर वरिष्ठ श्रद्धालुओं तक ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पंजीकरण की प्रक्रिया श्रीनगर ब्रांच के महात्माओं द्वारा की गई,जबकि डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों ने पूरी निष्ठा से सहयोग किया। इस अवसर पर हरभजन सिंह ने रक्तदान का महत्व बताते हुए कहा कि बाबा की सीख यही है कि हम अपना रक्त नालियों में बहाने की बजाय जरूरतमंदों की नसों में बहाकर उनकी जान बचा सकें,यही सच्चा धर्म है। महात्माओं और संतजनों के भावपूर्ण विचार देहरादून से पधारी ज्ञान प्रचारक बहन गीता भट्ट ने विचार प्रकट करते हुए कहा कि ब्रह्मज्ञान से ही परमात्मा के साथ नाता जुड़ता है और गुरु ज्ञान से ही जीवन का कल्याण संभव है। उन्होंने कहा कि सतगुरु के मार्गदर्शन से ही जीवन में भ्रांतियों का अंत होता है और प्रेम,भाईचारे व सेवा का भाव पनपता है। इस मौके पर बेला भट्ट,कुसुम पन्त,मीना रावत,शाखा संचालक रंजन लाल,शिक्षक महात्मा नरेंद्र सिंह नेगी,शुभम रस्तोगी, पूजा शाह सहित अनेक संत महात्माओं ने अपने-अपने विचार रखे। पार्षद पंकज सती और प्रताप भण्डारी ने भी शिविर में उपस्थित होकर रक्तदान किया और समाजसेवा के इस अभियान की सराहना की। विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक गणेश गोदियाल ने कहा कि संत निरंकारी मिशन का यह प्रयास मानवता की सच्ची सेवा है। रक्तदान जैसे पुण्य कार्य से समाज में जीवन बचाने की प्रेरणा मिलती है। युवाओं और श्रद्धालुओं का यह उत्साह आने वाली पीढ़ी के लिए आदर्श है और समाज को मजबूत बनाने वाला है। संत समागम में यह संदेश दिया गया कि धर्म लोगों को जोड़ने का कार्य करता है,कभी तोड़ता नहीं। जब मनुष्य दीन-दुखियों की सेवा करता है,तो वही सच्चा धर्म होता है। सभी संत महापुरुषों ने एक स्वर से कहा कि रक्तदान जीवनदान है और यह मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। शाखा संयोजक एच.एल.शाह ने कार्यक्रम में सम्मिलित सभी संत महात्माओं,रक्तदाताओं और अतिथियों का आभार व्यक्त किया तथा सतगुरु माता सुदीक्षा महाराज की ओर से सबके मंगल की कामना की। मीडिया प्रभारी गम्मा सिंह ने कहा कि संत निरंकारी मिशन का उद्देश्य केवल रक्तदान तक सीमित नहीं है,बल्कि यह मानवता को जोड़ने और समाज में प्रेम,भाईचारा तथा सहयोग की भावना को जागृत करने का एक पावन प्रयास है। आज के शिविर में जिस तरह से संत महात्माओं और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया,वह मिशन की विचारधारा को और सशक्त बनाता है। मैं सभी रक्तदाताओं,अतिथियों और सहयोगियों का हृदय से धन्यवाद करता हूं। रक्तदान है महादान,इससे बढ़े मानवता का सम्मान,आपका एक कदम,किसी की पूरी जिंदगी बचा सकता है,नालियों में बहाने से अच्छा है,जरूरतमंद की नसों में बहाना,रक्तदान करो-जीवनदान दो,धर्म जोड़ता है,तोड़ता नहीं-सेवा ही सच्चा धर्म है।

नवीनतम समाचार – Dainik Himalya Times

नवीनतम समाचार

Loading...