
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर/पौड़ी गढ़वाल। पहाड़ की दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों में जहां छोटी-सी सुविधा भी बड़ी राहत बन जाती है,वहीं जब प्रशासन आमजन की पीड़ा को समझते हुए संवेदनशीलता के साथ कार्य करे,तो वह केवल व्यवस्था नहीं बल्कि विश्वास का आधार बन जाता है। ऐसा ही एक सराहनीय उदाहरण जनपद पौड़ी के विकास खण्ड खिर्सू क्षेत्र में देखने को मिला,जहां दूरस्थ गांवों में समय पर गैस आपूर्ति सुनिश्चित कर ग्रामीणों को बड़ी राहत प्रदान की गई। खिर्सू ब्लॉक के अंतर्गत सरणा,मसूड़,क्वीसू सहित कई गांव लंबे समय से गैस सिलेंडर की अनियमित आपूर्ति की समस्या से जूझ रहे थे। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और सीमित संसाधनों के चलते यह समस्या ग्रामीणों के दैनिक जीवन को प्रभावित कर रही थी। लेकिन इस बार हालात बदले और बदले प्रशासन की सक्रियता और संवेदनशील पहल के कारण। जनपद पौड़ी के जिला आपूर्ति अधिकारी अरुण वर्मा एवं पूर्ति निरीक्षक विजय कुमार कैंतुरा श्रीनगर ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए लगातार संपर्क,समन्वय और प्रयासों के माध्यम से समय पर गैस सिलेंडरों की आपूर्ति सुनिश्चित की। उनके सतत प्रयासों का ही परिणाम रहा कि आज इन दूरस्थ गांवों तक सिलेंडर सुचारू रूप से पहुंच सके। ग्रामीणों का कहना है कि पहाड़ों में इस तरह की मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता ही जीवन को सुगम बनाती है और जब प्रशासन इस प्रकार तत्परता दिखाता है तो जनता का भरोसा और मजबूत होता है। आज क्षेत्र के लोगों ने दोनों अधिकारियों के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि जनपद में ऐसे ही कर्मठ,संवेदनशील और जनसमस्याओं को प्राथमिकता देने वाले अधिकारी होने चाहिए जो न केवल सुनें बल्कि समय पर समाधान भी सुनिश्चित करें। यह पहल केवल गैस आपूर्ति तक सीमित नहीं है,बल्कि यह प्रशासन और जनता के बीच विश्वास,संवाद और जवाबदेही की एक मजबूत कड़ी के रूप में उभरी है। पहाड़ के गांवों में इस प्रकार की पहले विकास की असली तस्वीर प्रस्तुत करती हैं। जब व्यवस्था में संवेदनशीलता जुड़ती है,तभी जनसेवा सच्चे अर्थों में सार्थक होती है।