
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। परंपरागत संस्कारों को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने की अनूठी पहल के तहत पौड़ी जनपद में समलौ॑ण आंदोलन निरंतर समाज को नई दिशा दे रहा है। जन्मदिवस और अन्नप्राशन जैसे पारिवारिक संस्कारों को पौधारोपण के माध्यम से यादगार बनाकर न केवल प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता दिखाई जा रही है,बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी संरक्षण का संदेश दिया जा रहा है। इसी क्रम में जनपद पौड़ी गढ़वाल के विकास खण्ड पाबो पट्टी बाली कण्डारस्यूं के ग्राम कोठला में राकेश नौटियाल एवं बीरा देवी नौटियाल की पुत्री आकृति नौटियाल के जन्मदिवस के अवसर पर घर के आंगन में अनार का समलौ॑ण पौधा रोपित किया गया। इस पहल के माध्यम से परिवार ने जन्मदिवस को केवल उत्सव तक सीमित न रखते हुए पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन का सशक्त संदेश दिया। रोपित पौधे के संरक्षण की जिम्मेदारी आकृति की माता बीरा देवी नौटियाल ने स्वयं ली। कार्यक्रम का संचालन गांव की समलौ॑ण सेना नायिका बीरा देवी नौटियाल ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा किारोपण पेड़-पौधे ही हमारे जीवन के वास्तविक आधार हैं। वृक्ष धरती के भूषण होते हैं,जो प्रदूषण को दूर कर वातावरण में ऑक्सीजन की मात्रा बढ़ाते हैं। यही वृक्ष हिमालय की बर्फ को तेजी से पिघलने से रोकने,गाड़-गधेरे,नौले,पधेरों और वन्य जीवों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने अपील की कि प्रत्येक सामाजिक एवं पारिवारिक संस्कार के अवसर पर समलौ॑ण पौधारोपण किया जाना चाहिए तथा वनों को आग से बचाना हम सभी का सामूहिक दायित्व है। इस अवसर पर गांव की समलौ॑ण सेना की सदस्य शैलेजा,सुनीता देवी,मीना देवी,राधा देवी,कान्ति देवी सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे। परिवार की ओर से पौधारोपण जैसे पुण्य कार्य के लिए 500 रुपए की नगद राशि पुरस्कार स्वरूप भेंट कर पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहित किया गया। वहीं दूसरी ओर जनपद पौड़ी के विकास खण्ड पौड़ी अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज कंडारा में कार्यरत सहायक अध्यापिका मीनाक्षी गौड़ के पुत्र मुकुन्द गौड़ के अन्नप्राशन संस्कार के अवसर पर भी पर्यावरण के प्रति यही संवेदनशील दृष्टिकोण देखने को मिला। इस शुभ अवसर पर मकान मालिक के घर के आंगन में तेजपत्ता का समलौ॑ण पौधा रोपित कर संस्कार को यादगार बनाया गया। पौधे के संरक्षण की जिम्मेदारी मकान मालिकन दमयंती देवी ने ली। कार्यक्रम का संचालन समलौ॑ण आंदोलन की राज्य संयोजिका सावित्री देवी ने किया। उन्होंने कहा कि मानव जीवन के लिए मजबूत पर्यावरण अत्यंत आवश्यक है। पेड़-पौधे हमारे फेफड़ों के समान हैं,जिनसे हमें सांस के रूप में ऑक्सीजन मिलती है। लेकिन आज पेड़ों की कटान के कारण वातावरण में ऑक्सीजन की कमी और कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा में लगातार वृद्धि हो रही है,जिसका दुष्परिणाम हम प्रत्यक्ष रूप से महसूस कर रहे हैं। उन्होंने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने,लगाए गए पौधों का संरक्षण करने तथा वनों को आग से बचाने की अपील करते हुए कहा कि तभी हम अपने पर्यावरण और भविष्य को सुरक्षित रख पाएंगे। इस अवसर पर अन्नपूर्णा,आरुषि,मनु सहित मोहल्लेवासी उपस्थित रहे। गौरतलब है कि समलौ॑ण आंदोलन पौड़ी जनपद में पर्यावरण संरक्षण को सामाजिक संस्कारों से जोड़कर एक जन-आंदोलन का स्वरूप ले चुका है। यह पहल न केवल प्रकृति की रक्षा कर रही है,बल्कि समाज में जिम्मेदारी,संवेदनशीलता और सतत विकास की भावना को भी सशक्त बना रही है।