
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
कीर्तिनगर/देवप्रयाग/श्रीनगर गढ़वाल। शाश्वत शिक्षा निकेतन बगवान में वार्षिकोत्सव कार्यक्रम बड़े ही उत्साह,रंगारंग प्रस्तुतियों और सांस्कृतिक उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में शिक्षा,संस्कृति और सामाजिक सहभागिता का अनूठा संगम देखने को मिला,जहां बच्चों की प्रतिभा ने सभी का मन मोह लिया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में देवप्रयाग प्रमुख विनोद बिष्ट उपस्थित रहे,जबकि विशिष्ट अतिथियों में जिला पंचायत सदस्य खोल कड़ाकोट से कविता देवी,रजनी पयाल (जिला पंचायत सदस्य भल्ले गांव),नगर पंचायत अध्यक्ष कीर्तिनगर राकेश मोहन मैठाणी सहित अनेक गणमान्य व्यक्तित्व मौजूद रहे। मंच संचालन विनोद रोथाण द्वारा प्रभावशाली ढंग से किया गया। विद्यालय परिवार द्वारा सभी अतिथियों का पारंपरिक रूप से स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य तथा अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और अधिक बढ़ाया। वार्षिकोत्सव का मुख्य आकर्षण बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम रहे,जिनमें लोक संस्कृति की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी। विद्यार्थियों ने पांडव नृत्य,खेला पासों नृत्य-नाटिका,तितली की रानी जैसे मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से बच्चों ने अपनी प्रतिभा,आत्मविश्वास और सांस्कृतिक जुड़ाव का शानदार परिचय दिया। इस अवसर पर गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर के प्रोफेसर डॉ.चौहान एवं डॉ.नरेन्द्र नेगी ने भी कार्यक्रम की सराहना करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं भल्ले गांव के प्रधान नरेश कोठियाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने विद्यालय के प्रयासों की प्रशंसा की। मुख्य अतिथि विनोद बिष्ट ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियां विद्यार्थियों में आत्मविश्वास,अनुशासन और सामाजिक मूल्यों का विकास करती हैं। उन्होंने विद्यालय परिवार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस प्रकार के आयोजन समाज को सकारात्मक दिशा देने का कार्य करते हैं। प्रधानाचार्य रचना अणथ्वाल ने अपने वक्तव्य में कहा कि विद्यालय का उद्देश्य केवल शैक्षणिक ज्ञान प्रदान करना नहीं,बल्कि विद्यार्थियों में संस्कार,संस्कृति और नैतिक मूल्यों का समावेश करना भी है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से बच्चों की छुपी प्रतिभाओं को मंच मिलता है और उनका आत्मविश्वास बढ़ता है। कार्यक्रम का समापन हर्षोल्लास के वातावरण में हुआ,जहां उपस्थित सभी लोगों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं और बच्चों की प्रस्तुतियों की भूरी-भूरी प्रशंसा की।