
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। सरस्वती शिशु मंदिर में रविवार को आयोजित सप्तशक्ति संगम कार्यक्रम भक्ति,संस्कृति और प्रेरणा के भावपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ,जिसके बाद पवित्र परिसर मातृशक्ति,गुरुवर्य एवं छात्र-छात्राओं की उत्साहपूर्ण उपस्थिति से ऊर्जा से भर उठा। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ.गुड्डी बिष्ट विभागाध्यक्ष हिंदी विभाग हेमवंती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय और द्वितीय वक्ता छिरिंग ढोलकर खम्पा सहायक प्राध्यापक मनोविज्ञान विभाग ने सप्तशक्ति की अवधारणा पर गहन,सरल एवं प्रेरक विचार प्रस्तुत किए। दोनों वक्ताओं ने नारी शक्ति,समाज में मातृशक्ति की भूमिका,भारतीय संस्कृति की सात शक्तियों और आधुनिक युग में महिला नेतृत्व के महत्व पर सभी उपस्थित माताओं को प्रेरित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अंजना नेगी प्रधानाचार्य राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय पौड़ी गढ़वाल ने की,जिनकी गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष स्वरूप प्रदान किया। मंच पर अनेक माताओं को उनके अद्वितीय योगदान,त्याग,संघर्ष और प्रेरक जीवन मूल्यों के लिए सम्मानित किया गया। इनमें प्रमुख हैं-शांति भट्ट (82 वर्ष) संयुक्त परिवार की प्रेरणा,धैर्य और संस्कारों की जीवंत प्रतिमूर्ति। पार्वती मैठानी जिनके दोनों बच्चों ने जिला और प्रदेश स्तर पर बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया। रंजना मैठानी,पार्षद गुड्डी गैरोला,अंजना डोभाल,रेनू सुंद्रियाल और राष्ट्रीय सेविका समिति की कृष्णा भट्ट-समाजसेवा,शिक्षा,संस्कार एवं नेतृत्व में उत्कृष्ट योगदान हेतु सम्मानित की गईं। इन सम्मानित माताओं का जीवन संघर्ष और साधना उपस्थित मातृशक्ति व छात्राओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना। छात्राओं ने भारत की ऐतिहासिक,सांस्कृतिक और आधुनिक वीरांगनाओं की भूमिकाएं मंच पर अत्यंत प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत कीं आराध्या पवार-तीलू रौतेली,सपना-गौरा देवी,मेघा-मैरी कॉम,आरुषि-कल्पना चावला,अंकिता भंडारी-रानी लक्ष्मीबाई। इन प्रस्तुतियों ने सभागार को तालियों की गड़गड़ाहट से भर दिया। माताओं ने भावुक होकर कहा कि ये बेटियां भविष्य की सशक्त धरोहर हैं। सरस्वती शिशु मंदिर की मातृभारती-प्रेमलता रतूड़ी,मीना नौटियाल,प्रियंका,दुर्गा ने पूरे कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और प्रभावशाली बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अतिथि के रूप में तृप्ति भास्कर,प्रधानाचार्य,सरस्वती शिशु मंदिर श्रीकोट की उपस्थिति विशेष रही। मंच संचालन किरण पवार द्वारा अत्यंत सहज,संवेदनशील और प्रभावी ढंग से किया गया। कार्यक्रम के सफल संचालन में विद्यालय परिवार का अथक योगदान रहा प्रधानाचार्य गोविंद सिंह,मुकेश मैठानी (प्रधानाचार्य सरस्वती विद्या मंदिर श्रीनगर),नवीन सिंह रावत (प्रधानाचार्य मढी चौरास),वरिष्ठ आचार्य ओमप्रकाश उपाध्याय,गजपाल सिंह रौथाण,शिशुपाल सिंह भंडारी,कपिल पाल,उपेंद्र सेमवाल तथा उषा बिष्ट आदि। इन सभी के सहयोग से पूरा आयोजन एक अनुकरणीय,संस्कारमय और प्रेरणादायी रूप में सम्पन्न हुआ। संपूर्ण कार्यक्रम भारतीय संस्कृति,मातृशक्ति के आदर,नारी-सशक्तिकरण और छात्राओं की प्रतिभा का अद्वितीय संगम बना। सरस्वती शिशु मंदिर द्वारा आयोजित यह सप्तशक्ति संगम निस Doubt आने वाले वर्षों के लिए एक मानक और प्रेरणा स्रोत सिद्ध होगा।