
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय में भारत रत्न,पूर्व प्रधानमंत्री स्व.अटल बिहारी वाजपेई के जन्मदिवस को सुशासन दिवस के रूप में गरिमामय एवं प्रेरणादायी वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के डॉ.अम्बेडकर उत्कृष्टता केंद्र द्वारा एक विचारोत्तेजक कार्यक्रम का आयोजन किया गया,जिसमें शिक्षकों,शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ.अम्बेडकर उत्कृष्टता केंद्र के समन्वयक प्रो.एम.एम.सेमवाल द्वारा अटल बिहारी वाजपेई के चित्र पर पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि के साथ हुआ। प्रो.सेमवाल ने अपने संबोधन में अटल के जीवन,व्यक्तित्व और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को स्मरण करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेई केवल एक राजनेता नहीं,बल्कि सुशासन,राष्ट्रहित और जनसेवा के जीवंत प्रतीक थे। उन्होंने कहा कि अटल का नेतृत्व दूरदर्शिता,संवेदनशीलता और उत्कृष्ट वक्तृत्व कला से परिपूर्ण था। उनके शासन की पहचान पारदर्शिता,नैतिकता और जनकल्याण से रही। प्रो.सेमवाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सुशासन का अर्थ केवल प्रशासनिक दक्षता तक सीमित नहीं है,बल्कि इसमें जनसहभागिता,जवाबदेही और मानवीय संवेदनाओं का समावेश अनिवार्य है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अटल बिहारी वाजपेई के आदर्शों को आत्मसात कर राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाएं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित शिक्षकों,शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों ने अटल बिहारी वाजपेई के लोकतांत्रिक आदर्शों,मर्यादित राजनीति और समावेशी विकास के दृष्टिकोण पर विचार साझा किए। सभी प्रतिभागियों ने एक स्वर में उनके विचारों को आगे बढ़ाने और सुशासन के मूल्यों को अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ.अम्बेडकर उत्कृष्टता केंद्र के डॉ.आशीष बहुगुणा द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया। इस अवसर पर डॉ.प्रकाश सिंह,डॉ.अरविंद रावत,डॉ.वरुण बर्थवाल,डॉ.अरुण शेखर बहुगुणा, डॉ.रोहित मेहर,डॉ.आनंद सिंह सहित अनेक प्राध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के समापन पर डॉ.प्रकाश सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल महान नेताओं के विचारों को स्मरण करने का माध्यम होते हैं,बल्कि युवाओं में नैतिक नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की भावना को भी सुदृढ़ करते हैं। कुल मिलाकर गढ़वाल विश्वविद्यालय में आयोजित यह सुशासन दिवस कार्यक्रम अटल विचारधारा,लोकतांत्रिक मूल्यों और जिम्मेदार नागरिकता का सशक्त संदेश देने वाला एक प्रभावशाली आयोजन सिद्ध हुआ।