सेंट थॉमस स्कूल पौड़ी में छात्र-छात्राओं को दी किशोर न्याय अधिनियम,पोक्सो अधिनियम व चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की विस्तृत जानकारी

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। बाल अधिकारों के संरक्षण,बच्चों की सुरक्षा और उन्हें विधिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से सेंट थॉमस स्कूल,पौड़ी में गुरुवार को एक विशेष जन-जागरूकता अभियान का

📘 इन्हें भी पढ़ें

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। बाल अधिकारों के संरक्षण,बच्चों की सुरक्षा और उन्हें विधिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से सेंट थॉमस स्कूल,पौड़ी में गुरुवार को एक विशेष जन-जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से छात्र-छात्राओं को किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम,पोक्सो अधिनियम,बाल अधिकारों तथा चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 जैसी महत्वपूर्ण सेवाओं और कानूनों की विस्तृत जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना,उन्हें सुरक्षित व्यवहार के लिए प्रेरित करना तथा किसी भी प्रकार की परेशानी या संकट की स्थिति में कानूनी एवं संस्थागत सहायता लेने का आत्मविश्वास प्रदान करना रहा। कार्यक्रम का संचालन करते हुए निखिल डेविड ने किशोर न्याय अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने सरल एवं सहज भाषा में बताया कि यह अधिनियम बच्चों के संरक्षण,सुधार और पुनर्वास को ध्यान में रखकर बनाया गया है,जिससे कोई भी बच्चा कानून या समाज के कारण उपेक्षित न रहे। इस अवसर पर प्रज्ञा नैथानी ने चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की उपयोगिता की जानकारी देते हुए कहा कि यह सेवा संकटग्रस्त बच्चों के लिए एक जीवन रेखा के समान है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि किसी भी आपात स्थिति,शोषण,हिंसा,बाल श्रम या असहाय अवस्था में 1098 पर संपर्क कर तुरंत सहायता प्राप्त की जा सकती है। बाल कल्याण समिति की सदस्य सुनीता भट्ट ने पोक्सो अधिनियम और बाल अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। उन्होंने बच्चों को अच्छे स्पर्श और बुरे स्पर्श की पहचान,स्वयं की सुरक्षा,सतर्कता तथा किसी भी असहज स्थिति में बिना भय या झिझक भरोसेमंद व्यक्ति अथवा संबंधित संस्थाओं से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से असिस्टेंट लीगल काउंसिल विनोद कुमार ने विद्यार्थियों को उनके विधिक अधिकारों,निःशुल्क कानूनी सहायता और न्याय तक पहुंच से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कानून बच्चों के साथ खड़ा है और आवश्यकता पड़ने पर विधिक सेवा प्राधिकरण उनकी सहायता के लिए सदैव तत्पर रहता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने विषय से संबंधित प्रश्न भी पूछे,जिनका विशेषज्ञों द्वारा संतोषजनक समाधान किया गया। इससे बच्चों में कानून के प्रति समझ और आत्मविश्वास और अधिक मजबूत हुआ। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सिस्टर सूमिनी,सूरज कुमार,ओम प्रकाश थपलियाल,पूजा नेगी सहित शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रशासन ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम बच्चों को न केवल जानकारी देते हैं,बल्कि उन्हें सुरक्षित,सजग और सशक्त नागरिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी हैं।

नवीनतम समाचार – Dainik Himalya Times

नवीनतम समाचार

Loading...