
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल की पावन धरती पर यदि किसी नाम को जनसेवा के पर्याय के रूप में सम्मानपूर्वक लिया जाता है तो वह है समाजसेवी खिलेन्द्र चौधरी। यह नाम केवल एक व्यक्ति का परिचय नहीं बल्कि सेवा,करुणा और निःस्वार्थ भाव से समाज के प्रति समर्पित एक जीवंत विचारधारा का प्रतीक बन चुका है। खिलेन्द्र चौधरी उन विरले व्यक्तित्वों में शामिल हैं,जिनके लिए समाजसेवा कोई औपचारिक दायित्व नहीं बल्कि जीवन का मूल उद्देश्य है। विशेष रूप से गरीब एवं जरूरतमंद बेटियों की शादी में सहयोग कर वे कई परिवारों के जीवन में खुशियों की नई रोशनी लाते हैं। उनकी खासियत यह है कि वे स्वयं सहायता करने के साथ-साथ अन्य सामाजिक संस्थाओं और सहयोगियों को भी जोड़ते हैं,जिससे जरूरतमंदों तक अधिक व्यापक स्तर पर मदद पहुंच सके। यह सामूहिक सेवा की भावना उन्हें समाज में विशिष्ट बनाती है। शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान अत्यंत प्रेरणादायक है। सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत गरीब एवं निर्धन बच्चों की सहायता से लेकर स्नातक,स्नातकोत्तर और तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को आर्थिक एवं मार्गदर्शन सहयोग प्रदान करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है। उनका स्पष्ट मानना है कि शिक्षा ही समाज के सशक्त और समृद्ध भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। खेलों के प्रति उनका विशेष लगाव युवाओं के उत्साह को नई ऊर्जा देता है। विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में सहयोग कर वे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को मंच उपलब्ध कराते हैं,जिससे क्षेत्र में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिल रहा है। सबसे महत्वपूर्ण पहलू उनकी संवेदनशीलता है-किसी भी गरीब या संकटग्रस्त परिवार का दुःख वे देख नहीं पाते। ऐसे परिवारों की आर्थिक सहायता कर उनके कष्ट को कम करने का हर संभव प्रयास करते हैं। यही कारण है कि वे समाज में एक भरोसेमंद और करुणामय चेहरे के रूप में स्थापित हो चुके हैं। खिलेन्द्र चौधरी सामाजिक,सांस्कृतिक,धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में भी समान रूप से सक्रिय रहते हैं। हर उस मंच पर उनकी उपस्थिति रहती है,जहां समाजहित और जनकल्याण की बात होती है। वे केवल सहभागी ही नहीं बल्कि प्रेरक भूमिका में नजर आते हैं। विशेष रूप से वे रोटरी क्लब से जुड़े होकर समाजसेवा के कार्यों को और अधिक व्यापक आयाम दे रहे हैं। रोटरी क्लब के माध्यम से समय-समय पर आयोजित विशाल चिकित्सा शिविरों में उनका सक्रिय सहयोग सराहनीय है,जिससे सैकड़ों जरूरतमंद लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिल रहा है। अपनी हर सफलता के पीछे खिलेन्द्र चौधरी परमात्मा का आभार व्यक्त करते हैं और अपने पितरों के आशीर्वाद को अपनी प्रेरणा का मूल स्रोत मानते हैं। उनका मानना है कि उन्हीं के आशीर्वाद से उन्हें समाजसेवा के मार्ग पर चलने की शक्ति,अनुभव और मार्गदर्शन प्राप्त होता है। निसंदेह खिलेन्द्र चौधरी जैसे कर्मयोगी समाजसेवी आज के समय में प्रेरणा के सशक्त स्तंभ हैं,जो अपने कार्यों से यह सिद्ध कर रहे हैं कि सच्ची सेवा वही है,जो निःस्वार्थ भाव से बिना किसी अपेक्षा के हर जरूरतमंद तक पहुंचे।