सौर ऊर्जा की रोशनी से जगमगाया पौड़ी-बिजली बचत,सुरक्षा और स्वरोजगार का नया माॅडल बन रहा जनपद

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। पहाड़ की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच अब विकास की एक नई किरण सौर ऊर्जा के रूप में उभर रही है। जनपद पौड़ी गढ़वाल में अक्षय ऊर्जा

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। पहाड़ की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच अब विकास की एक नई किरण सौर ऊर्जा के रूप में उभर रही है। जनपद पौड़ी गढ़वाल में अक्षय ऊर्जा के क्षेत्र में हो रहे व्यापक विस्तार ने न केवल बिजली व्यवस्था को मजबूत किया है,बल्कि ग्रामीण अंचलों की तस्वीर बदलते हुए आत्मनिर्भरता और रोजगार के नए रास्ते भी खोल दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की दूरदर्शी सोच के अनुरूप चल रही योजनाएं अब धरातल पर प्रभावी परिणाम देती नजर आ रही हैं। उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण (उरेडा) के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले के गांवों से लेकर शहरी क्षेत्रों और सरकारी संस्थानों तक सौर ऊर्जा का दायरा तेजी से बढ़ाया गया है। इस महत्वाकांक्षी पहल ने जहां एक ओर बिजली के बढ़ते खर्च पर अंकुश लगाया है,वहीं दूसरी ओर पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में भी ठोस कदम स्थापित किए हैं। जनपद में सार्वजनिक स्थलों पर रोशनी की व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। जहां पहले रात के समय अंधेरा आम बात थी,वहीं अब जिला योजना के तहत 548 सौर स्ट्रीट लाइटें और 27 हाई मास्ट लाइटों की स्थापना से गांव-गांव रोशन हो उठा है। इससे न केवल आवागमन सुगम हुआ है,बल्कि स्थानीय लोगों में सुरक्षा की भावना भी मजबूत हुई है। ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए जिले के 18 शासकीय भवनों में कुल 2162 किलोवाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में धुमाकोट तहसील परिसर में 8 किलोवाट क्षमता का ग्रिड से जुड़ा सौर संयंत्र स्थापित किया जा रहा है। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने पर सरकारी भवनों के बिजली बिलों में भारी कमी आएगी और स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। मुख्यमंत्री सौर स्वरोजगार योजना ने जिले में रोजगार सृजन के नए आयाम स्थापित किए हैं। इस वित्तीय वर्ष में अब तक 76 सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं,जिनकी कुल क्षमता 13,515 किलोवाट है। इन संयंत्रों से उत्पादित बिजली को उत्तराखंड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा खरीदा जा रहा है,जिससे लाभार्थियों को नियमित आय का स्रोत प्राप्त हो रहा है। इस योजना के माध्यम से लगभग 210 युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिलना,पहाड़ में आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा संकेत माना जा रहा है। उरेडा के परियोजना अधिकारी चंद्र प्रकाश उपाध्याय के अनुसार जनपद में अक्षय ऊर्जा के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि सौर ऊर्जा न केवल पर्यावरण के अनुकूल है,बल्कि यह लोगों के जीवन स्तर को भी बेहतर बना रही है। जिलाधिकारी स्वाति एस.भदौरिया ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप जिले में सौर ऊर्जा परियोजनाओं को तेजी से लागू किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह योजनाएं दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक विकास की रोशनी पहुंचाने का माध्यम बन रही हैं। साथ ही उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि सभी परियोजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध,पारदर्शी और गुणवत्ता के साथ सुनिश्चित किया जाए,ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिल सके। पौड़ी गढ़वाल में सौर ऊर्जा की यह पहल केवल बिजली उत्पादन तक सीमित नहीं है,बल्कि यह एक समग्र परिवर्तन की कहानी बन चुकी है-जहां रोशनी के साथ-साथ उम्मीद,सुरक्षा और आत्मनिर्भरता भी घर-घर पहुंच रही है।

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