हिमाद्रि नाट्य समारोह में रंगमंच की गूंज-दर्शकों को मिल रहा उत्कृष्ट नाट्य प्रस्तुतियों का अनूठा अनुभव

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। संस्कृति और रंगमंच की समृद्ध परंपरा को जीवंत करने के उद्देश्य से श्रीनगर में इन दिनों पांच दिवसीय हिमाद्रि नाट्य समारोह पूरे उत्साह और गरिमा के साथ

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। संस्कृति और रंगमंच की समृद्ध परंपरा को जीवंत करने के उद्देश्य से श्रीनगर में इन दिनों पांच दिवसीय हिमाद्रि नाट्य समारोह पूरे उत्साह और गरिमा के साथ आयोजित किया जा रहा है। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केन्द्र प्रयागराज तथा हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केन्द्रीय विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय के लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केन्द्र में आयोजित यह राष्ट्रीय नाट्य समारोह रंगमंच प्रेमियों के लिए किसी उत्सव से कम नहीं है। इस नाट्य समारोह में देश के विभिन्न प्रांतों से आए पांच प्रतिष्ठित नाट्य दल अपनी प्रभावशाली प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को रंगमंच की विविध विधाओं और विषयों से रूबरू करा रहे हैं। श्रीनगर के नाट्य प्रेमी बड़ी संख्या में इन प्रस्तुतियों का आनंद ले रहे हैं और प्रेक्षागृह में प्रतिदिन दर्शकों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति देखने को मिल रही है। नाट्य समारोह का भव्य शुभारंभ एकलव्य ग्रुप देहरादून द्वारा प्रस्तुत नाटक खिड़की से हुआ। इस नाटक को प्रसिद्ध रंगकर्मी विकास बाहरी ने लिखा है तथा इसका निर्देशन अखिलेश नारायण ने किया। कलाकारों के सशक्त अभिनय और प्रभावशाली मंचन ने उद्घाटन दिवस को यादगार बना दिया। द्वितीय दिवस के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ.विष्णु दत्त कुकरेती की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर मार्तण्ड फाउंडेशन उदयपुर द्वारा प्रस्तुत नाटक सिरफिरों का घर ने दर्शकों को खूब प्रभावित किया। हास्य,व्यंग्य और सामाजिक संदेश से परिपूर्ण इस नाटक को दर्शकों ने भरपूर सराहा और कलाकारों के अभिनय की खुलकर प्रशंसा की। नाट्य समारोह की तृतीय संध्या भी अत्यंत प्रभावशाली रही। इस अवसर पर अप स्टेज आर्ट ग्रुप दिल्ली द्वारा प्रस्तुत नाटक लोकमाता अहिल्याबाई का मंचन किया गया। ऐतिहासिक और प्रेरणादायी विषयवस्तु पर आधारित इस प्रस्तुति ने दर्शकों के मन-मस्तिष्क पर गहरी छाप छोड़ी। कलाकारों की सजीव अभिनय शैली और मंच संयोजन ने नाटक को अत्यंत प्रभावशाली बना दिया। नाट्य समारोह की चतुर्थ संध्या का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ.सर्वेश्वर उनियाल (सहायक प्रोफेसर माउंटेन टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी सेंटर,केंद्रीय विश्वविद्यालय श्रीनगर) द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर मंथन आर्ट्स एंड थिएटर सोसायटी चंडीगढ़ ने विश्वप्रसिद्ध लेखिका अगाथा क्रिस्टी की कृति पर आधारित नाटक माउस ट्रैप का मंचन किया,जिसका निर्देशन हीरा सिंह ने किया। नाटक के मंचन को देखने के लिए प्रेक्षागृह निर्धारित समय से पहले ही दर्शकों से खचाखच भर गया। कलाकारों के कसे हुए अभिनय,प्रभावशाली संवाद अदायगी,उत्कृष्ट प्रकाश योजना और सजीव संगीत के संयोजन ने नाटक के रहस्य और रोमांच को अंत तक बरकरार रखा। नाटक के उत्कर्ष क्षणों में दर्शक सांस थामे पूरी तन्मयता से प्रस्तुति का आनंद लेते रहे। समापन पर दर्शकों से भरे प्रेक्षागृह में तालियों की गड़गड़ाहट देर तक गूंजती रही,जो कलाकारों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की साक्षी बनी। नाट्य समारोह के अंतिम दिवस बृहस्पतिवार सायं छह बजे अभिनय रंगमंच,हिसार द्वारा नाटक सतनाम वाहेगुरु की प्रस्तुति प्रस्तावित है,जिसे लेकर रंगमंच प्रेमियों में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। श्रीनगर गढ़वाल के लिए यह नाट्य समारोह न केवल मनोरंजन का माध्यम है,बल्कि रंगमंच के माध्यम से बौद्धिक और सांस्कृतिक चेतना को समृद्ध करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है। कार्यक्रम के सफल संचालन में लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केंद्र के निदेशक,प्रसिद्ध संस्कृति रंगकर्मी,पत्रकार,लेखक और लोक भाषा के सुविख्यात विद्वान गणेश कुकसाल,सहायक निदेशक डॉ.संजय पांडेय (संगीत नाटक अकादमी के राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित),प्रसिद्ध तबला वादक जैनेन्द्र गुंसाई,केंद्र के समस्त कर्मचारी एवं विद्यार्थी तथा उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र प्रयागराज के प्रतिनिधि प्रतीक अग्रवाल का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। नाट्य समारोह निरंतर अपनी सफलता की ओर अग्रसर है और श्रीनगर के नाट्य प्रेमियों के लिए यह सांस्कृतिक आयोजन एक यादगार अनुभव बनता जा रहा है। आयोजकों ने रंगमंच के प्रति रुचि रखने वाले सभी नागरिकों से आह्वान किया है कि वे इस महत्वपूर्ण नाट्य महोत्सव की समापन प्रस्तुति के साक्षी बनने के लिए आज सायं छह बजे चौरास स्थित लोक कला एवं संस्कृति निष्पादन केंद्र के प्रेक्षागृह में अवश्य पहुंचे और उत्कृष्ट रंगमंचीय कला का आनंद लें।

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