
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
टिहरी/श्रीनगर गढ़वाल। राजकीय महाविद्यालय पौखाल में आज दिनांक 9 सितम्बर 2025 को हिमालय दिवस के अवसर पर एक दिवसीय संगोष्ठी एवं रोजगार परामर्श कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ.बी.आर.भद्री की अध्यक्षता में आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) तथा रोजगार परामर्श प्रकोष्ठ के तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संचालन अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ.अनुरोध प्रभाकर ने किया जबकि सह संचालन समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ.बबीत कुमार बिहान द्वारा किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में डॉ.अनुरोध प्रभाकर ने आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के विभिन्न अवसर विषय पर अपने विचार रखते हुए विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार की अपार संभावनाएं हैं जिन्हें युवाओं को अपनाकर रोजगार की दिशा में सकारात्मक कदम उठाना चाहिए। भूगोल विभाग की प्राध्यापिका डॉ.पुष्पा झाबा ने हिमालय दिवस की बधाई देते हुए हिमालय की भौगोलिक,सांस्कृतिक और पर्यावरणीय उपयोगिता पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्रों को बताया कि हिमालय केवल पर्वत नहीं,बल्कि सम्पूर्ण भारतीय उपमहाद्वीप की जीवन रेखा है। समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ.बी.के.बिहान ने स्वरोजगार एवं उच्च शिक्षा द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने विस्तार से बताया कि किस प्रकार शिक्षा और जागरूकता युवाओं को स्वरोजगार की ओर अग्रसर कर सकती है। साथ ही उन्होंने हिमालय दिवस मनाने की परंपरा और इसके समाज पर पड़ने वाले प्रभावों पर भी विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम के समापन पर प्राचार्य डॉ.बी.आर.भद्री ने सभी प्राध्यापकों,कर्मचारियों और विद्यार्थियों को कार्यक्रम की सफलता की बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों के बौद्धिक एवं व्यावहारिक विकास के लिए आवश्यक हैं। साथ ही उन्होंने छात्रों को अधिक से अधिक संख्या में ऐसे आयोजनों में प्रतिभाग करने के लिए प्रेरित किया। तत्पश्चात उन्होंने उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं,प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों को हिमालय संरक्षण की शपथ दिलवाई। कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ.बी.आर.भद्री,डॉ.अंधरुति शाह,डॉ.अनुरोध प्रभाकर,डॉ.बबीत बिहान,डॉ.पुष्पा झाबा,डॉ.अरविन्द नारायण सहित महाविद्यालय के सभी कर्मचारी उपस्थित रहे। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और संगोष्ठी को सफल बनाया। यह आयोजन न केवल हिमालय दिवस को सार्थक बनाने वाला रहा बल्कि युवाओं को स्वरोजगार,शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रेरित करने वाला भी सिद्ध हुआ।