
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। हिमालय पुत्र,प्रखर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी,उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा जी की 107 वीं जयंती हेमवती नंदन बहुगुणा बेस अस्पताल में अत्यंत श्रद्धा,गरिमा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना सहित फैकल्टी सदस्यों,अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बहुगुणा जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान अस्पताल परिसर में आंचल कैफे का विधिवत शुभारंभ भी किया गया,जो मरीजों,तीमारदारों और कर्मचारियों के लिए एक बड़ी सौगात के रूप में सामने आया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्य डॉ.आशुतोष सयाना ने बहुगुणा के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन संघर्ष,त्याग,समर्पण और जनसेवा की उत्कृष्ट मिसाल रहा है। उन्होंने कहा कि बहुगुणा जी के आदर्श आज भी समाज को दिशा देने का कार्य कर रहे हैं और हमें उनके जीवन मूल्यों को आत्मसात कर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहिए। डॉ.सयाना ने यह भी उल्लेख किया कि गढ़वाल क्षेत्र की जीवनरेखा माने जाने वाले इस बेस अस्पताल का नाम स्वयं बहुगुणा जी के नाम पर होना उनके क्षेत्र के प्रति अतुलनीय योगदान और दूरदर्शी सोच का प्रतीक है। उनके अथक प्रयासों के चलते आज क्षेत्र के लोगों को स्वास्थ्य सहित अनेक मूलभूत सुविधाएं सुलभ हो पाई हैं। उन्होंने बताया कि जयंती के इस पावन अवसर पर अस्पताल में आने वाले मरीजों,तीमारदारों तथा स्टाफ की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए आंचल कैफे की शुरुआत की गई है, जहां 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध रहेगी। साथ ही निकट भविष्य में मेडिकल कॉलेज परिसर में भी इसी प्रकार का कैफे स्थापित करने की योजना है। इस अवसर पर डॉ.दीपा हटवाल,डॉ.अजेय विक्रम सिंह,डॉ.ए.एन.पांडेय,विकास डिमरी,तेजपाल गुंसाई सहित अनेक फैकल्टी सदस्य एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने बहुगुणा जी के विचारों और आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। वहीं आंचल डेरी के जीएम श्रवण कुमार शर्मा ने बताया कि कैफे 24 घंटे संचालित रहेगा और गांवों से आने वाले शुद्ध दूध से निर्मित खाद्य पदार्थ यहां उपलब्ध कराए जाएंगे। उन्होंने इस पहल के लिए मेडिकल कॉलेज प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए इसे जनहित में एक सराहनीय कदम बताया। हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती पर आयोजित यह कार्यक्रम न केवल उनकी स्मृतियों को नमन करने का अवसर बना,बल्कि जनसेवा और समर्पण के उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने का संकल्प भी दोहराया गया।