पर्वतीय अंचल में शिक्षा का नया उजाला-पौखाल महाविद्यालय में दीक्षारंभ से छात्रों के सपनों को मिली उड़ान

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। पर्वतीय क्षेत्रों में उच्च शिक्षा को सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में राजकीय महाविद्यालय पौखाल टिहरी गढ़वाल में उत्तराखण्ड मुक्त

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। पर्वतीय क्षेत्रों में उच्च शिक्षा को सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में राजकीय महाविद्यालय पौखाल टिहरी गढ़वाल में उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय के दीक्षारंभ कार्यक्रम का आयोजन उत्साह और गरिमा के साथ संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम न केवल नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं के लिए एक औपचारिक शुरुआत रहा,बल्कि उनके शैक्षणिक जीवन को दिशा देने वाला प्रेरणादायक मंच भी साबित हुआ। उत्तराखण्ड मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा 17 अप्रैल से प्रारम्भ किए गए इस अभियान के अंतर्गत स्थापित अध्ययन केंद्र 15035 में आयोजित इस एक दिवसीय कार्यक्रम का संचालन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया गया,जिससे दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों की सहभागिता भी सुनिश्चित हो सकी। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर सुरेश चंद्र के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि दीक्षारंभ कार्यक्रम का उद्देश्य केवल परिचय कराना नहीं,बल्कि विद्यार्थियों में आत्मविश्वास,अनुशासन और शैक्षणिक प्रतिबद्धता विकसित करना है। उन्होंने नई शिक्षा नीति 2020 के परिप्रेक्ष्य में इस पहल को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आज के दौर में शिक्षा को लचीला,सुलभ और तकनीक-सम्मत बनाना समय की मांग है। अध्ययन केंद्र के सह संयोजक एवं सहायक नोडल अधिकारी डॉ.अनुरोध प्रभाकर ने विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली से अवगत कराते हुए बताया कि मुक्त विश्वविद्यालय दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा को अंतिम छोर तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने छात्रों को स्व-अध्ययन सामग्री,ऑनलाइन परामर्श,असाइनमेंट प्रणाली और परीक्षा प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी देते हुए उन्हें इस नई शिक्षा पद्धति को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को ई-लर्निंग पोर्टल,मोबाइल अनुप्रयोग और छात्र सहायता सेवाओं की जानकारी दी गई,जिससे वे डिजिटल माध्यमों का प्रभावी उपयोग कर अपनी पढ़ाई को और बेहतर बना सकें। साथ ही छात्रों की जिज्ञासाओं का समाधान कर उन्हें नई शैक्षणिक व्यवस्था के प्रति सहज और आत्मविश्वासी बनाया गया। इस अवसर पर लगभग 60 से अधिक नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से सक्रिय सहभागिता की। महाविद्यालय के शिक्षकगण एवं कर्मचारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे और उन्होंने विद्यार्थियों को हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन अध्ययन केंद्र के सह संयोजक द्वारा किया गया। यह दीक्षारंभ कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं,बल्कि दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा के नए द्वार खोलने की एक सशक्त पहल बनकर उभरा,जो आने वाले समय में क्षेत्र के शैक्षणिक विकास को नई गति देने का कार्य करेगा।

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