
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड के शैक्षणिक और वैज्ञानिक जगत के लिए गर्व का क्षण है कि हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग से जुड़े युवा वैज्ञानिक डॉ.आलोक सागर गौतम का चयन प्रतिष्ठित भारतीय आर्कटिक अभियान 2026-27 के लिए हुआ है। यह चयन न केवल विश्वविद्यालय बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। इस महत्वपूर्ण अभियान का आयोजन नेशनल सेंटर फॉर पोलर एंड ओशन रिसर्च द्वारा किया जा रहा है,जो देश में ध्रुवीय और महासागरीय अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी संस्था है। इस अभियान के तहत डॉ.गौतम के साथ केंद्रीय विश्वविद्यालय राजस्थान के वायुमंडलीय विज्ञान विभाग से डॉ.चिन्मय मलिक का भी चयन हुआ है। दोनों वैज्ञानिक मिलकर एक महत्वपूर्ण शोध परियोजना पर कार्य करेंगे,जिसे वायुमंडलीय विज्ञान थीम के अंतर्गत फील्ड एक्सेस के लिए अनुशंसित किया गया है। चयनित शोध परियोजना विभिन्न परिवेशीय ओजोन स्तरों पर न्यू पार्टिकल फॉर्मेशन अध्ययन पर आधारित है। इस अध्ययन का मुख्य उद्देश्य आर्कटिक क्षेत्र में ओजोन के अलग-अलग स्तरों के प्रभाव में नए कणों के निर्माण की प्रक्रिया को समझना है। यह शोध वैश्विक जलवायु परिवर्तन,वायुमंडलीय रसायन विज्ञान और पर्यावरणीय संतुलन को समझने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। अभियान की कार्ययोजना के अनुसार पहले चरण में डॉ.चिन्मय मलिक आर्कटिक क्षेत्र में फील्ड रिसर्च करेंगे,जबकि दूसरे चरण में डॉ.आलोक सागर गौतम इस अभियान से जुड़कर अपने अनुभव और विशेषज्ञता का योगदान देंगे। उल्लेखनीय है कि डॉ.गौतम इससे पूर्व भी भारतीय अंटार्कटिका अभियान का हिस्सा रह चुके हैं,जहां उन्होंने महत्वपूर्ण शोध कार्य कर अपनी वैज्ञानिक क्षमता का लोहा मनवाया था। ध्रुवीय क्षेत्रों में कार्य करने का उनका अनुभव इस अभियान में भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। गढ़वाल विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग में इस उपलब्धि को लेकर उत्साह का माहौल है। शिक्षकों,शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने इसे संस्थान के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए डॉ.गौतम और डॉ.मलिक को शुभकामनाएं दी हैं। यह चयन न केवल उत्तराखंड की वैज्ञानिक प्रतिभा को वैश्विक मंच पर स्थापित करता है,बल्कि आने वाली पीढ़ी के शोधार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनता जा रहा है।