
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा जनपद पौड़ी में व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाया गया। इसी क्रम में विकासखंड पौड़ी के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर,छतकोट में एक प्रभावशाली जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया,जिसमें ग्रामीणों को मलेरिया के प्रति सचेत करते हुए बचाव एवं उपचार संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी भावना ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मलेरिया को कभी भी हल्के में नहीं लेना चाहिए। हर बुखार मलेरिया नहीं होता,लेकिन हर बुखार की जांच कराना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि समय पर जांच और उपचार न मिलने पर साधारण बुखार भी गंभीर रूप धारण कर सकता है। उन्होंने मलेरिया के प्रमुख लक्षणों-तेज बुखार के साथ ठंड लगना,सिरदर्द,उल्टी एवं शरीर में दर्द की जानकारी देते हुए लोगों से अपील की कि इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। साथ ही यह भी कहा कि यदि मलेरिया की पुष्टि हो जाए, तो उपचार को बीच में छोड़ना खतरनाक हो सकता है। बचाव ही सबसे प्रभावी उपाय बताते हुए उन्होंने लोगों को मच्छरदानी का नियमित उपयोग करने, घरों के आसपास पानी जमा न होने देने,पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने तथा शाम के समय दरवाजे-खिड़कियां बंद रखने की सलाह दी। साथ ही आसपास के लोगों को भी जागरूक करने का आह्वान किया। इस अवसर पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ.पारुल गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि विश्व मलेरिया दिवस के तहत पूरे जनपद में सभी आयुष्मान आरोग्य मंदिरों,चिकित्सा इकाइयों एवं ग्राम स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि मलेरिया उन्मूलन के लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है और जब तक समाज का प्रत्येक व्यक्ति जागरूक नहीं होगा,तब तक इस बीमारी पर पूर्ण नियंत्रण संभव नहीं है। कार्यक्रम के माध्यम से स्वास्थ्य विभाग ने यह संदेश दिया कि जागरूकता,सतर्कता और सामूहिक प्रयासों के बल पर ही मलेरिया जैसी गंभीर बीमारी को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।