
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में खेल गतिविधियों को अधिक प्रभावी,पारदर्शी और प्रतिस्पर्धात्मक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए विश्वविद्यालय खेल परिषद की 15 वीं वार्षिक आम बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह ने की। बैठक में कुलसचिव,वित्त अधिकारी,अधिष्ठाता छात्र कल्याण,विश्वविद्यालय के विभिन्न परिसरों एवं संबद्ध महाविद्यालयों से आए खेल सचिवों तथा अन्य पदाधिकारियों ने सहभागिता की। बैठक का आयोजन ऑनलाइन एवं प्रत्यक्ष (संयुक्त) माध्यम से किया गया,जिसमें विश्वविद्यालय में खेल गतिविधियों के विस्तार,खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा आगामी शैक्षणिक सत्र 2026-27 की खेल कार्ययोजना पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि विश्वविद्यालय में खेलकूद से संबंधित सभी व्यवस्थाओं,प्रतियोगिताओं के आयोजन,खिलाड़ियों के चयन,प्रशिक्षण एवं समन्वय की संपूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय खेल परिषद के पास होगी। परिषद खेल गतिविधियों के संचालन को अधिक व्यवस्थित,पारदर्शी एवं परिणामोन्मुख बनाने की दिशा में कार्य करेगी। बैठक में पिछले चार वर्षों के खेल प्रदर्शन की समीक्षा के बाद यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया कि अंतर-विश्वविद्यालय प्रतियोगिताओं में इस वर्ष केवल उन्हीं टीमों को प्रतिभागिता का अवसर दिया जाएगा,जिन्होंने अपने-अपने खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस निर्णय का उद्देश्य विश्वविद्यालय की खेल उपलब्धियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना तथा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना है। खिलाड़ियों के चयन को निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए भी नई व्यवस्था लागू की जाएगी। कुछ खेलों के लिए अंतर-महाविद्यालय प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी, जबकि अन्य खेलों में खिलाड़ियों का चयन चयन परीक्षण के माध्यम से किया जाएगा। इससे प्रत्येक खिलाड़ी को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का समान अवसर मिलेगा। बैठक में विश्वविद्यालय एवं उसके सभी परिसरों में खेल अधोसंरचना को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। खेल मैदानों,अभ्यास स्थलों तथा आवश्यक खेल सुविधाओं का आधुनिकीकरण किया जाएगा,ताकि खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर के अनुरूप प्रशिक्षण वातावरण उपलब्ध हो सके। खिलाड़ियों के हित में एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए दैनिक भत्ता तथा यात्रा व्यय में वृद्धि को भी स्वीकृति प्रदान की गई। इससे प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले खिलाड़ियों एवं टीम अधिकारियों को आर्थिक राहत मिलेगी और वे बेहतर मनोबल के साथ प्रतियोगिताओं में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व कर सकेंगे। बैठक को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो.श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता का माध्यम नहीं,बल्कि व्यक्तित्व विकास,अनुशासन,नेतृत्व क्षमता और टीम भावना विकसित करने का सशक्त आधार हैं। उन्होंने सभी खेल अधिकारियों से खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने तथा विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट पहचान दिलाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया। बैठक में लिए गए निर्णयों से स्पष्ट है कि हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय आने वाले समय में खेलों के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल करने की दिशा में गंभीरता से आगे बढ़ रहा है। नई खेल नीति,बेहतर चयन प्रक्रिया,उन्नत सुविधाएं और खिलाड़ियों को बढ़ाया गया प्रोत्साहन विश्वविद्यालय की खेल संस्कृति को नई ऊर्जा प्रदान करेगा।