राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत इंटर कॉलेज खण्डाह में बच्चों के स्वास्थ्य की हुई जांच-किशोरों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का दिया संदेश

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। चिकित्सा,स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग पौड़ी गढ़वाल की ओर से राजकीय इंटर कॉलेज खण्डाह खिर्सू में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया

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हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

पौड़ी/श्रीनगर गढ़वाल। चिकित्सा,स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग पौड़ी गढ़वाल की ओर से राजकीय इंटर कॉलेज खण्डाह खिर्सू में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। साथ ही राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत किशोर-किशोरियों को शारीरिक,मानसिक एवं सामाजिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की नियमित जांच करने के साथ ही उन्हें स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूक,सजग और जिम्मेदार बनाना रहा। विद्यालय में स्वास्थ्य परीक्षण के लिए पहुंची चिकित्सा टीम में डॉ.अतुल उनियाल,डॉ.स्वाति तड़ियाल,औषधि विक्रेता प्रदीप रावत,सहायक नर्स एवं दाई निर्मला तथा परामर्शदाता सपना नेगी शामिल रहे। टीम ने विद्यालय के विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की जांच की। परीक्षण के दौरान अधिकांश बच्चे स्वस्थ पाए गए, जबकि कुछ विद्यार्थियों में सर्दी-जुकाम के लक्षण मिले। ऐसे बच्चों को आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराने के साथ ही उचित परामर्श दिया गया तथा स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी गई। चिकित्सा टीम ने विद्यार्थियों को नियमित स्वास्थ्य जांच,व्यक्तिगत स्वच्छता,संतुलित आहार और साफ-सफाई की आदतों को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रभारी प्रधानाचार्य गोविन्द नथवान ने स्वास्थ्य टीम का अभिनंदन करते हुए विद्यार्थियों के स्वास्थ्य परीक्षण एवं जागरूकता के लिए विभाग की पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों का स्वस्थ रहना उनकी पढ़ाई,शारीरिक विकास और उज्ज्वल भविष्य के लिए बेहद आवश्यक है। विद्यालय स्तर पर इस प्रकार के स्वास्थ्य कार्यक्रम बच्चों को समय रहते स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डॉ.अतुल उनियाल एवं परामर्शदाता सपना नेगी ने भी विद्यार्थियों को स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने,स्वच्छता बनाए रखने तथा स्वस्थ दिनचर्या अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दूसरे सत्र में राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक,मानसिक एवं सामाजिक बदलावों तथा उनसे जुड़े स्वास्थ्य संबंधी पहलुओं पर विस्तार से जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को बताया गया कि किशोरावस्था जीवन का महत्वपूर्ण चरण है,जिसमें सही मार्गदर्शन,पौष्टिक आहार और सकारात्मक सोच की विशेष आवश्यकता होती है। इस दौरान प्रमुख रूप से निम्नलिखित विषयों पर जागरूक किया गया-पौष्टिक आहार एवं पोषण-संतुलित भोजन,फल-सब्जियों तथा आवश्यक पोषक तत्वों के महत्व की जानकारी दी गई। हिंसा एवं चोट से बचाव-सुरक्षित व्यवहार अपनाने,दुर्घटनाओं से बचने तथा जोखिमपूर्ण परिस्थितियों के प्रति सतर्क रहने की सीख दी गई। मानसिक स्वास्थ्य-मानसिक तनाव को समझने,सकारात्मक सोच विकसित करने और परेशानी होने पर परिवार,शिक्षकों अथवा संबंधित विशेषज्ञों से सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया। नशामुक्त जीवन-तंबाकू,शराब और अन्य नशीले पदार्थों के दुष्प्रभावों की जानकारी देते हुए इनसे दूर रहने का संदेश दिया गया। गैर-संचारी रोगों से बचाव-नियमित शारीरिक गतिविधि,व्यायाम,संतुलित आहार और स्वस्थ दिनचर्या की उपयोगिता बताई गई। यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य-किशोरावस्था में होने वाले शारीरिक परिवर्तनों,व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी के महत्व पर चर्चा की गई। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को यह संदेश भी दिया गया कि स्वास्थ्य संबंधी किसी समस्या को छिपाने के बजाय समय पर जानकारी साझा करना और उचित परामर्श प्राप्त करना आवश्यक है। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों ने विद्यार्थियों के समग्र विकास में स्वास्थ्य एवं स्वच्छता की महत्वपूर्ण भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन विद्यार्थियों की एकाग्रता,सीखने की क्षमता तथा शैक्षिक प्रगति को बेहतर बनाने में सहायक होते हैं। इस अवसर पर शिक्षक महेश गिरि,कुसुम लता थपलियाल,लक्ष्मी सेन सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ अध्यापक राजवीर सिंह बिष्ट ने किया। विद्यालय परिवार ने स्वास्थ्य विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि विद्यालयों में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और किशोर स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन बच्चों को स्वस्थ,सुरक्षित एवं जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ ही उनके बेहतर भविष्य की मजबूत नींव तैयार करते हैं।

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