उत्तराखंड की टिहरी गढ़वाल में सामुदायिक विकास एवं विद्यालयी शिक्षा का अध्ययन करने हेतु गढ़वाल विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का शैक्षणिक भ्रमण

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर गढ़वाल के समाजशास्त्र एवं समाज कार्य विभाग द्वारा 27 अक्टूबर 2026 को एम.ए.समाजशास्त्र प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए

📘 इन्हें भी पढ़ें

हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी

श्रीनगर गढ़वाल। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय श्रीनगर गढ़वाल के समाजशास्त्र एवं समाज कार्य विभाग द्वारा 27 अक्टूबर 2026 को एम.ए.समाजशास्त्र प्रथम एवं तृतीय सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए एक शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। यह भ्रमण विभागाध्यक्ष प्रो.जे.पी.भट्ट के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। भ्रमण के अंतर्गत अंजनीसैंण स्थित डॉ.स्वामी मन्मथन इंस्टीट्यूट फॉर कम्युनिटी डेवलपमेंट तथा टिहरी गढ़वाल के राजकीय इंटर कॉलेज हिंसरीयाखाल का दौरा किया गया। डॉ.नरेंद्र सिंह चौहान ने भ्रमण के नोडल अधिकारी के रूप में समन्वय किया। इस शैक्षणिक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को गैर-सरकारी संगठनों एनजीओ की कार्यप्रणाली,सामुदायिक विकास की पहलों,ग्रामीण विकास की चुनौतियों तथा विद्यालयी शिक्षा की जमीनी वास्तविकताओं से परिचित कराना था। डॉ.स्वामी मन्मथन इंस्टीट्यूट फॉर कम्युनिटी डेवलपमेंट भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने संस्थान के निदेशक ज्ञान सिंह रावत तथा सचिव एवं प्रमुख कुलदीप केंटुरा,जो वित्तीय कार्यों के प्रमुख भी हैं,से संवाद किया। उन्होंने संस्थान की संगठनात्मक संरचना,उद्देश्यों तथा उत्तराखंड में सामुदायिक विकास के क्षेत्र में इसके योगदान के बारे में जानकारी दी। यह संस्थान शिक्षा,स्वास्थ्य एवं स्वच्छता,आजीविका संवर्धन,पर्यावरण संरक्षण तथा सतत विकास के क्षेत्रों में कार्य करता है। इसकी प्रमुख पहलों में शैक्षणिक सहायता,आंगनवाड़ी सेवाओं में सहयोग,स्वास्थ्य एवं स्वच्छता कार्यक्रम,उषा सिलाई पहल,ठोस अपशिष्ट प्रबंधन तथा जल जीवन मिशन से संबंधित गतिविधियाँ शामिल हैं। विद्यार्थियों ने सिलाई एवं टेलरिंग,मसाला उत्पादन तथा फूलों से अगरबत्ती बनाने जैसे व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों और अन्य कौशल-आधारित गतिविधियों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य व्यावहारिक कौशल विकसित करना तथा आजीविका के अवसरों को बढ़ावा देना है। संस्थान द्वारा पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सतत आय सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए कचरे के पृथक्करण,पुनर्चक्रण तथा पुनः उपयोग पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। संस्थान के प्रतिनिधियों ने हरिद्वार में संचालित स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी पहलों की जानकारी दी और बताया कि इस क्षेत्र में किए गए कार्यों के लिए संस्थान को द्वितीय पुरस्कार भी प्राप्त हुआ है। राजकीय इंटर कॉलेज हिंसरीयाखाल भ्रमण के दूसरे चरण में विद्यार्थियों ने विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य डॉ.हर्ष मणि पांडेय से संवाद किया। उन्होंने बताया कि नामांकन की दृष्टि से यह विद्यालय क्षेत्र के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों में से एक है। विद्यालय में कुल 260 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं,जिनमें 138 छात्राएं तथा 122 छात्र शामिल हैं। विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ.पांडेय ने शिक्षा सुविधाओं को सुदृढ़ बनाने तथा विद्यार्थियों की सहायता करने में गैर-सरकारी संगठनों और सहयोगी संस्थानों की भूमिका को स्पष्ट किया। डॉ.स्वामी मन्मथन इंस्टीट्यूट फॉर कम्युनिटी डेवलपमेंट द्वारा विद्यालय को वित्तीय सहायता प्रदान की गई है,जिससे विद्यालय की शैक्षणिक एवं विकासात्मक गतिविधियों को सहयोग मिला है। विद्यार्थियों ने विद्यालय में संचालित विभिन्न पहलों के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। इनमें करियर परामर्श एवं मार्गदर्शन,नशे की लत के विरुद्ध जागरूकता एवं संवेदनशीलता कार्यक्रम तथा छात्राओं के लिए आत्मरक्षा प्रशिक्षण प्रमुख हैं। शैक्षणिक भ्रमण का महत्त्व एनजीओ के प्रतिनिधियों तथा विद्यालय के अधिकारियों के साथ प्रत्यक्ष संवाद के माध्यम से विद्यार्थियों को स्वैच्छिक संगठनों,संस्थागत सहयोग,व्यावसायिक प्रशिक्षण,पर्यावरणीय स्थिरता तथा ग्रामीण विकास में सामुदायिक सहभागिता के संबंध व्यावहारिक जानकारी प्राप्त हुई। इस भ्रमण ने यह स्पष्ट किया कि शैक्षणिक संस्थान और नागरिक समाज के संगठन सामाजिक आवश्यकताओं की पूर्ति,शैक्षणिक अवसरों के विस्तार,आजीविका संबंधी क्षमताओं को सुदृढ़ करने तथा सामुदायिक कल्याण में सुधार लाने के लिए किस प्रकार मिलकर कार्य करते हैं। समग्र रूप से इस शैक्षणिक भ्रमण ने विद्यार्थियों को सामाजिक संस्थाओं,जमीनी स्तर पर संचालित विकास प्रक्रियाओं तथा ग्रामीण समुदायों की चुनौतियों को गहराई से समझने का अवसर प्रदान किया। यह अनुभवात्मक अधिगम,सामाजिक जागरूकता तथा विद्यार्थियों की व्यावहारिक समझ को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सार्थक शैक्षणिक पहल रही।

नवीनतम समाचार – Dainik Himalya Times

नवीनतम समाचार

Loading...