
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। उत्तराखंड की देवभूमि की सांस्कृतिक,धार्मिक एवं आध्यात्मिक नगरी श्रीनगर में छिपी प्रतिभाओं को पहचान दिलाने और उन्हें अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए उचित मंच उपलब्ध कराने की दिशा में नगर निगम की पहल रंग लाती दिखाई दे रही है। बैकुंठ चतुर्दशी मेला एवं विकास प्रदर्शनी-2026 के प्रमुख आकर्षण श्रीनगर के सितारे गायन एवं नृत्य प्रतियोगिता के ऑडिशन में बुधवार को प्रतिभाओं का ऐसा उत्साह देखने को मिला,जिसने आयोजन को यादगार बना दिया। शहर और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे बच्चों एवं युवाओं ने अपनी गायन और नृत्य कला से निर्णायकों को प्रभावित करने के साथ ही अपनी प्रतिभा का दमदार प्रदर्शन किया। ऑडिशन में कुल 125 प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर यह साबित कर दिया कि पहाड़ की धरती पर हुनर और कला की कोई कमी नहीं है,जरूरत केवल उन्हें पहचानने,तराशने और आगे बढ़ने का अवसर देने की है। ऑडिशन के दौरान कहीं मधुर स्वरों की गूंज सुनाई दी तो कहीं संगीत की लय पर थिरकते कदमों ने दर्शकों और निर्णायकों का ध्यान आकर्षित किया। नन्हे प्रतिभागियों के आत्मविश्वास से लेकर युवाओं की शानदार मंचीय प्रस्तुतियों तक हर प्रस्तुति में कुछ नया देखने को मिला। किसी ने अपनी सुरीली आवाज से संगीत की गहराइयों को छुआ तो किसी ने नृत्य की आकर्षक भाव-भंगिमाओं और तालमेल से अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों का उत्साह और उनकी तैयारी इस बात का प्रमाण रही कि श्रीनगर और आसपास के क्षेत्रों में कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रबल आकांक्षा रखने वाले प्रतिभाशाली बच्चों एवं युवाओं की बड़ी संख्या मौजूद है। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों की संख्या ने आयोजन की लोकप्रियता और युवाओं के उत्साह को स्पष्ट कर दिया। जूनियर वर्ग की नृत्य प्रतियोगिता में 32 तथा गायन प्रतियोगिता में 4 प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुति दी। वहीं सीनियर वर्ग की नृत्य प्रतियोगिता में 35 और गायन प्रतियोगिता में सर्वाधिक 54 प्रतिभागियों ने ऑडिशन दिया। इस प्रकार चारों श्रेणियों में कुल 125 प्रतिभागियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। अब निर्णायक मंडल के मूल्यांकन के आधार पर विभिन्न वर्गों और विधाओं से चयनित प्रतिभागी बैकुंठ चतुर्दशी मेले के भव्य मंच पर फाइनल मुकाबले में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। प्रतियोगिता की विश्वसनीयता,पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए नगर निगम की ओर से इस बार निर्णायक मंडल में बाहरी विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया। गायन प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका प्रसार प्रशिक्षण केंद्र पौड़ी के प्रशिक्षक दिनेश सिंह रावत तथा राजकीय इंटर कॉलेज बहेड़ाखाल के संगीत सहायक अध्यापक शिवमूर्ति राणा ने निभाई। वहीं नृत्य प्रतियोगिता में रंगकर्मी गौरव गैरोला और पीयूष मंद्रवाल ने निर्णायक के रूप में प्रतिभागियों की प्रस्तुतियों का बारीकी से मूल्यांकन किया। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की गायन क्षमता,सुर-ताल,लय,प्रस्तुति,भावाभिव्यक्ति,नृत्य कौशल और मंचीय आत्मविश्वास जैसे विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मूल्यांकन किया। बाहरी विशेषज्ञों की सहभागिता का उद्देश्य चयन प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष रखना और योग्य प्रतिभाओं को उनकी वास्तविक क्षमता के आधार पर आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना है। ऑडिशन के अवसर पर नगर निगम की महापौर आरती भण्डारी ने निर्णायकों का स्वागत किया तथा प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर रहे बच्चों और युवाओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि श्रीनगर और आसपास के क्षेत्रों में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं है। यहां के बच्चों और युवाओं में गायन,नृत्य एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रति अपार रुचि और क्षमता है। आवश्यकता इस बात की है कि उनकी प्रतिभा को पहचानकर उन्हें उचित मंच,मार्गदर्शन और आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। महापौर ने कहा कि श्रीनगर के सितारे प्रतियोगिता केवल एक सांस्कृतिक प्रतिस्पर्धा नहीं,बल्कि स्थानीय प्रतिभाओं को पहचान दिलाने और उनकी कला को व्यापक मंच तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। नगर निगम का उद्देश्य है कि शहर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाएं भी सामने आएं और उन्हें अपनी योग्यता प्रदर्शित करने का अवसर मिले। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के आयोजन में पारदर्शिता और निष्पक्षता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। इसी उद्देश्य से निर्णायक मंडल में बाहर से विशेषज्ञों को आमंत्रित किया गया है,ताकि प्रत्येक प्रतिभागी का मूल्यांकन उसकी कला,मेहनत,प्रतिभा और प्रस्तुति के आधार पर हो सके। किसी भी प्रतिभागी के साथ पक्षपात न हो और वास्तव में योग्य प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर मिले,इसके लिए नगर निगम पूरी गंभीरता से प्रयासरत है। महापौर ने प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि प्रतियोगिता में हार और जीत से अधिक महत्वपूर्ण अपनी प्रतिभा को मंच पर प्रस्तुत करना,आत्मविश्वास बनाए रखना और निरंतर आगे बढ़ने का प्रयास करना है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बैकुंठ चतुर्दशी मेले के मंच पर जब श्रीनगर के ये उभरते सितारे अपनी प्रस्तुतियां देंगे तो निश्चित रूप से शहर की सांस्कृतिक पहचान को नई ऊंचाई मिलेगी। बैकुंठ चतुर्दशी मेला श्रीनगर की धार्मिक,सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान का महत्वपूर्ण उत्सव है। ऐसे में मेले के अंतर्गत श्रीनगर के सितारे प्रतियोगिता का आयोजन स्थानीय कला और संस्कृति को प्रोत्साहित करने की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। इस प्रतियोगिता के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ ही सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। ऑडिशन के बाद अब सभी की निगाहें फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं। चयनित प्रतिभागी मेले के मंच पर गायन और नृत्य की आकर्षक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। दर्शकों के लिए भी यह मुकाबला खास आकर्षण रहने वाला है,जहां उन्हें एक ही मंच पर श्रीनगर की नई और उभरती हुई प्रतिभाओं को देखने और सुनने का अवसर मिलेगा। इस अवसर पर नगर निगम के पार्षद विजय चमोली,नरेंद्र रावत,राजकुमार,रमेश रमोला,राजेंद्र नेगी,अनुराग चौहान,दिनेश पटवाल सहित नगर निगम के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कुल मिलाकर श्रीनगर के सितारे प्रतियोगिता का यह ऑडिशन स्थानीय प्रतिभाओं के लिए उम्मीदों का नया मंच बनकर सामने आया है। 125 प्रतिभागियों की सहभागिता ने यह संदेश दिया है कि पहाड़ की युवा पीढ़ी में कला,संगीत और संस्कृति के प्रति गहरा आकर्षण है। अब देखना दिलचस्प होगा कि फाइनल मुकाबले में किसकी आवाज का जादू श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करेगा और किसके कदमों की थिरकन दर्शकों की वाहवाही बटोरेगी। निश्चित रूप से बैकुंठ चतुर्दशी मेले का यह मंच श्रीनगर की प्रतिभाओं को नई पहचान देने के साथ ही शहर की सांस्कृतिक विरासत में एक नया अध्याय जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।