गौल्क्षया पर्वत और इन्द्रगवन की मनोहारी तलहटी में बसा रमणीय ग्राम सरणा रविवार 24 अगस्त 2025 को गर्व और उल्लास से सराबोर रहा। अवसर था – गांव के सपूत, सौम्य व्यक्तित्व और जनसेवा के प्रतीक अनिल भण्डारी के खिर्सू ब्लॉक प्रमुख पद पर आसीन होने का। पूरे क्षेत्र में सम्मान, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।
जनसेवा का सफर और उपलब्धियां
ग्रामवासियों ने अभिनंदन पत्र प्रस्तुत करते हुए कहा कि अनिल भण्डारी का व्यक्तित्व केवल राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि वे समाज सेवा के जीवंत उदाहरण हैं।
- 2014–2019: क्षेत्र पंचायत सदस्य
- 2019–2025: भाजपा खिर्सू मंडल महामंत्री
- विधायक प्रतिनिधि रहते हुए विकास कार्यों में सक्रिय भूमिका
अब पुनः क्षेत्र पंचायत सदस्य बनकर खिर्सू ब्लॉक प्रमुख पद पर आसीन होना पूरे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय है।
जनता के प्रति संवेदनशीलता
ग्रामवासियों का कहना है कि निर्धन, असहाय और गरीब परिवारों की सहायता करना अनिल भण्डारी का सहज स्वभाव है। इसी कारण वे समाज में सम्मान की दृष्टि से देखे जाते हैं। ग्रामीणों ने कहा –
“सेवा का दीप जो जलाए वही सच्चा पथ प्रदर्शक कहलाए, जन-जन की आशा जो बन जाए वही नेता अमर कहलाए।”
सांस्कृतिक उल्लास और धार्मिक आशीर्वाद
इस अवसर पर नागराजा देवता और मां भगवती गौरा देवी से अनिल भण्डारी की दीर्घायु और निरंतर सामाजिक उत्थान की प्रार्थना की गई।
- ढोल-दमाऊं की थाप पर स्वागत
- महिला मंगल दल और नवयुवक मंगल दल की सक्रिय भागीदारी
- सामाजिक एकजुटता की अद्भुत मिसाल
सम्मान समारोह
ग्राम प्रधान अनिता देवी को शॉल ओढ़ाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही पूर्व प्रधान धीरेन्द्र सिंह भण्डारी, जेष्ठ प्रमुख रोशनी देवी और पूर्व प्रधान पूनम देवी को भी सम्मानित किया गया।
ग्राम प्रधान अनिता देवी ने कहा –
“यह सम्मान गांव की मातृशक्ति और हर ग्रामीण का आशीर्वाद है। मैं तन-मन से गांव के विकास और जनहित के हर कार्य में समर्पित रहूंगी।”
भविष्य की विकास यात्रा
ग्रामीणों का विश्वास है कि अनिल भण्डारी के नेतृत्व और ग्राम प्रधान अनिता देवी की सक्रियता से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में नए कीर्तिमान स्थापित होंगे।
सरणा का यह सम्मान समारोह केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि गांव की सामाजिक एकजुटता और विकास की साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक बना। कार्यक्रम का समापन महिला मंगल दल और नवयुवक मंगल दल द्वारा जलपान व्यवस्था के साथ हुआ।