ज्ञान के आदान-प्रदान अनुसंधान को बढ़ावा देने और शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छूने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक समझौता हुआ है। इंदर सिंह रावत राजकीय महाविद्यालय पौखाल टिहरी गढ़वाल उत्तराखण्ड एवं स्वामी विवेकानंद बालिका शिक्षा प्रचार समिति जयपुर राजस्थान के बीच हाल ही में एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। यह साझेदारी न केवल दोनों संस्थानों के लिए,बल्कि पूरे शैक्षिक जगत के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। इस एमओयू के तहत दोनों संस्थान मिलकर शिक्षा,अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग करेंगे। सेमिनार,वर्कशॉप,कॉन्फ्रेंस एवं क्विज प्रतियोगिताओं जैसे विविध कार्यक्रमों का संयुक्त आयोजन किया जाएगा। इन गतिविधियों से न केवल छात्रों को आधुनिक तकनीक और नए विचारों की जानकारी मिलेगी बल्कि फैकल्टी को भी एक-दूसरे के अनुभवों और शोध कार्यों से लाभान्वित होने का अवसर प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त दोनों संस्थान मिलकर रिसर्च पेपर्स एवं पब्लिकेशंस पर कार्य करेंगे,जिससे अनुसंधान को नई दिशा मिलेगी और अकादमिक क्षेत्र में ठोस उपलब्धियां सामने आएंगी। इस साझेदारी के माध्यम से छात्रों और शिक्षकों को एक-दूसरे की विशेषज्ञता व संसाधनों का लाभ उठाने का अवसर मिलेगा। यह कदम भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं,शोधकर्ताओं और विचारकों को तैयार करने में मील का पत्थर साबित होगा। दोनों संस्थानों ने जताई प्रसन्नता-इस अवसर पर स्वामी विवेकानंद बालिका शिक्षा प्रचार समिति, जयपुर के अध्यक्ष डॉ. शैलेन्द्र मौर्य ने कहा यह एमओयू बालक-बालिका शिक्षा को नई दिशा देगा। सेमिनार,वर्कशॉप,कॉन्फ्रेंस,क्विज एवं पब्लिकेशंस के माध्यम से ज्ञान का परस्पर आदान-प्रदान होगा और छात्र-छात्राओं व शिक्षकों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। शिक्षा क्षेत्र में ऐसी पहल निश्चित ही नई ऊंचाइयों को छूएगी। वहीं इंदर सिंह रावत राजकीय महाविद्यालय पौखाल के प्राचार्य डॉ.ए.एन.सिंह एवं समस्त शिक्षकों ने इस ऐतिहासिक समझौते पर हर्ष व्यक्त करते हुए डॉ.शैलेन्द्र मौर्य का आभार जताया और उन्हें शुभकामनाएं दीं। डॉ.मौर्य ने भी महाविद्यालय परिवार को एमओयू के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह सहयोग आने वाले समय में शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाएगा।
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शिक्षा में ऐतिहासिक पहल: राजकीय महाविद्यालय पौखाल और स्वामी विवेकानंद बालिका शिक्षा के बीच अहम MOU
ज्ञान के आदान-प्रदान अनुसंधान को बढ़ावा देने और शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छूने के उद्देश्य से एक ऐतिहासिक समझौता हुआ है। इंदर सिंह रावत राजकीय महाविद्यालय पौखाल टिहरी गढ़वाल उत्तराखण्ड एवं स्वामी
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