
हिमालय टाइम्स गबर सिंह भण्डारी
श्रीनगर गढ़वाल। श्रीनगर का ऐतिहासिक गणेश मंदिर सोमवार को अद्भुत भक्ति भाव से आलोकित रहा। मत्स्य पुराण कथा के सप्तम दिवस पर व्यासपीठ पर विराजमान आचार्य पंडित मधुसूदन घिल्डियाल ने भगवान विष्णु के नरसिंह एवं वामन अवतारों की अमृतमयी गाथाओं का ऐसा वर्णन किया कि मंदिर परिसर और नगर का वातावरण हरि बोल,जय श्री विष्णु के जयकारों से गूंज उठा। आचार्य घिल्डियाल ने श्रोताओं को हिरण्यकश्यप के अत्याचार और भक्त प्रह्लाद की अटूट श्रद्धा की कथा सुनाते हुए कहा धर्म की रक्षा के लिए जब अन्याय सीमा लांघता है, तब भगवान स्वयं अवतरित होते हैं। जैसे ही उन्होंने भगवान विष्णु के नरसिंह रूप प्रकट होने का वर्णन किया,श्रोता रोमांचित हो उठे। नख से छिन्न किया असुर,भक्त का रक्षा धर्म,नरसिंह रूपी विष्णु ने,किया अधर्म पर वज्र। वामन अवतार की कथा सुनाते हुए आचार्य ने कहा दैत्यराज बलि अपनी दानशीलता के लिए प्रसिद्ध थे,परंतु जब अहंकार ने उन्हें घेर लिया,तब भगवान ने वामन रूप धारण किया। दो पगों में जब उन्होंने आकाश-पृथ्वी नाप ली और तीसरे पग के लिए स्थान न बचा,तब राजा बलि ने अपना शीश अर्पण कर दिया। आचार्य बोले बलिदान और विनम्रता ही सच्चा धर्म है,यही वामन अवतार का शाश्वत संदेश है। त्रैलोक्य नापा पग धरें,प्रभु वामन भगवान,शीश नवाकर बलि बने,भक्ति का वरदान। आचार्य ने श्लोक उद्धृत किया-परित्राणाय साधूनां विनाशाय च दुष्कृताम्,धर्मसंस्थापनार्थाय सम्भवामि युगे-युगे। उन्होंने कहा कि भगवान के प्रत्येक अवतार का उद्देश्य है सत्य और धर्म की पुनः स्थापना। सप्तम दिवस पर मंदिर परिसर दीपों,पुष्पमालाओं और भजनों से जगमगा उठा। शंखनाद और घंटानाद के साथ भक्तों की भाव-भीनी उपस्थिति ने वातावरण को और भी दिव्य बना दिया। महिलाओं ने मंगल गीत गाए,बच्चों ने प्रभु की जय-जयकार की और बुजुर्ग शांति व श्रद्धा से कथा श्रवण में लीन रहे। इस अवसर पर मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित रामकृष्ण पाण्डेय ने कहा कथा श्रवण से मन निर्मल होता है,यह न केवल धार्मिक अनुष्ठान है बल्कि जीवन को धर्म,सत्य और सदाचार की ओर ले जाने वाली प्रेरणा भी है। पंडित पाण्डेय ने बताया कि 6 सितंबर 2025 को प्रातः 11 बजे कथा की पूर्णाहुति होगी। इसके बाद 12.30 बजे रोडवेज पार्किंग में विशाल भंडारा और नगर के मुख्य मार्गों से भव्य शोभायात्रा निकलेगी। शोभायात्रा में झांकियां,भजन मंडलियां और पुष्पवृष्टि का अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा। आज के मुख्य यजमान पवन बंसल एवं परिवार रहे। इस अवसर पर नगर और क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। प्रभात पाण्डेय,राकेश जोशी,हरीश मिश्रा,एडवोकेट अनुज रावत,विनय घिल्डियाल,कुशलानंद भट्ट,अमित रावत,दिनेश हटवाल,रणजीत सिंह नेगी,नवीन नैनवाल,अनिल अग्रवाल,गोपाल डूडेजा,मुकेश जोशी,रूपेश पंत,मुकेश अग्रवाल,नरेंद्र किंकर,पुनीत मित्तल,बद्रीश जैन, राघव जोशी,अरविंद डुडेजा,योगेंद्र सबरवाल,रामानंद भट्ट,केशवानंद भट्ट सहित अनेक श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इस अवसर पर विद्वान पुरोहितों द्वारा यजमानों की वैदिक परंपरानुसार पूजा-अर्चना कराई गई। आचार्य नंदकिशोर बलूनी,मनीष डोभाल,संदीप उनियाल,मनोज बंगवाल,संदीप पुरोहित,भुवनेश भट्ट,नवीन सैफ सहित कई आचार्यों ने मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ-हवन सम्पन्न कराया। नरसिंह वामन अवतार,धर्म का उज्ज्वल आकार,भक्ति-संगीत-पूजा से,जग में फैला सत्कार। नगर का हर कोना भक्ति और आस्था की धारा में डूबा रहा। गणेश मंदिर से लेकर गलियों तक भक्तिमय उल्लास छाया रहा।